
नागपुर – नागपुर में 20 अक्टूबर को धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस और विजयादशमी के अवसर पर दीक्षाभूमि में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए नागपुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ के प्रबंधन के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। जीआरपी के अनुमान के मुताबिक, इस दौरान नागपुर रेलवे स्टेशन पर करीब एक लाख यात्रियों की आवाजाही हो सकती है।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर की दीक्षाभूमि पर अपने लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी। इस ऐतिहासिक घटना की स्मृति में हर वर्ष धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से अनुयायी नागपुर पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के साथ ही यात्रियों की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
15 से 22 अक्टूबर तक विशेष सुरक्षा व्यवस्था
धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के मद्देनजर 15 से 22 अक्टूबर तक रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार पर हथियारबंद जवानों की तैनाती रहेगी। प्लेटफॉर्म और यात्रियों की आवाजाही वाले प्रमुख स्थानों पर भी अतिरिक्त जवान तैनात किए जाएंगे, ताकि भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने में मदद मिल सके।
सीसीटीवी से चप्पे-चप्पे पर नजर
रेलवे स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा बम निरोधक दस्ता (बीडीडीएस) और श्वान दस्ते की मदद से स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म और अन्य संवेदनशील स्थानों की नियमित जांच की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सतर्क रहेंगी।
सात विशेष ट्रेनें चलाने की तैयारी
श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मध्य रेलवे की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए सात विशेष ट्रेनें चलाने की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही टिकट खरीदने के लिए अतिरिक्त टिकट काउंटर उपलब्ध कराने, पेयजल की व्यवस्था करने और यात्रियों के बैठने के लिए आवश्यक सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी है।
भीड़ प्रबंधन पर रहेगा विशेष जोर
धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के दौरान नागपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण प्लेटफॉर्म, प्रवेश द्वार और निकास मार्गों पर भीड़ बढ़ने की संभावना है। ऐसे में जीआरपी और आरपीएफ के जवानों की तैनाती के साथ भीड़ की आवाजाही पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। रेलवे प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को स्टेशन पर किसी तरह की परेशानी न हो और उनकी यात्रा सुरक्षित तथा सुचारु बनी रहे।



