Published On : Mon, Dec 5th, 2016

नागपुर मनपा की आपली बस परियोजना को हरी झंडी

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नागपुर :
शहर में नए सिरे से पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम की शुरुवात सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी के हस्ते की गयी। विवादस्पद रही स्टार बस परियोजना को पूरी तरह बदलकर शुरू की गयी इस योजना में अब चार ऑपरेटर कंपनिया शहर में परिवहन की जिम्मेदारी संभालेगी। इसके अलावा पूर्णतः इथेनॉल ईंधन से चलने वाली बस भी शुरू की गयी है। आपली बस परियोजना के नाम से शुरू की गयी इस परियोजना के अंतर्गत 195 बस चलायी जाएगी जिनमे 55 ग्रीन बस भी होगी। आपली बस परियोजना का एप भी इस दौरान लॉन्च किया गया। शहर की सडको पर दौड़ाने वाली 100 रेड और 55 ग्रीन बस जीपीआरएस सिस्टम से लैस होगी जिसके लोकेशन की पल पल की जानकारी यात्रियों और महानगर पालिका के पास उपलब्ध होगी। स्टार बस परियोजना का संचालन एक ही कंपनी को दिया गया था जिसमे कई तरह की दिक्कतों का सामना मनपा और आम नागरिको को करना पड़ा था इसके निजाद के तौर पर अब चार कंपनियों को संचालन की जिम्मेदारी सौपी गयी है।

बस सेवा के उद्घाटन अवसर पर केंद्रीय परिवहन मंत्री ने कहाँ की प्रदुषण देश के लिए चिंता की बात है। परिवहन मंत्री के नाते वाहनों से होने वाले प्रदुषण पर तकलीफ होती है। दिल्ली के प्रदुषण वजह से सांस पर संकट खड़ा हो गया था। डीजल और पेट्रोल से सल्फर और अन्य हानिकारक गैस निकलती है। प्रदुषण से निपटने के लिए बायोफ्यूल और मिथेनॉल, इथेनॉल और इलेक्ट्रिक न सिर्फ बेहद कारगर है बल्कि यह देश की तक़दीर बदल सकते है। गन्ने के वेस्ट से इथेनॉल बनाता है और इससे न के बराबर प्रदुषण होता है।

महाराष्ट्र में गन्ने का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। इसका फायदा सीधे किसानों को होगा। अब तो धान की तनस से भी इथेनॉल बनाने की तकनीक आ गयी है। पदूषण को रोकने के लिए 70 हजार करोड़ की लागत से केंद्र सरकार ने यूरो 6 नाम से पेट्रोल – डीजल उपलब्ध कराने की योजना बनायीं है जिसका लक्ष्य 2020 निर्धारित किया गया है।

नागपुर मनपा ने जो इथेनॉल से बस चलाने की योजना बनायीं है वह मील का पत्थर साबित होगी। कोशिश होनी चाहिए की डीजल बसों को बनपा बायो सीएनजी पर चलाये। इसी कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी मनपा की सराहना करते हुए कहाँ कि देश में पहलीबार स्मार्ट और ग्रीन ट्रांसपोर्ट की शुरुवात नागपुर से हो रही है। यह परियोजना देश के लिए ट्रांसपोर्ट सेक्टर में मॉडल के रूप में देखि जाएगी। ग्रीन ट्रांसपोर्ट का फायदा जनता हो होगा साथ ही किसानों को भी होगा। इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट सिस्टम का ग्राहकों को फायदा होगा। नागपुर ने जो मॉडल दिया है वह राज्य भर में लागू किया जायेगा।
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