Published On : Wed, Oct 21st, 2026
By Nagpur Today Nagpur News

मनपा की महत्वाकांक्षी योजनाएं प्रशासनिक अड़चनों में फंसी

- 6,202 करोड़ का अधिशेष बजट कागज पर ही सिमटा, आचार संहिता, वर्क मॉड्यूल और शीतकालीन अधिवेशन से कामकाज ठप
Advertisement

नागपुर: नागपुर महानगरपालिका का 2026-27 का 6,202.99 करोड़ रुपये का रिकार्ड अधिशेष बजट, जो बिना कोई अतिरिक्त कर लगाए स्थायी समिति अध्यक्ष शिवानी दानी-वखारे ने प्रस्तुत किया था, शहरी परिवर्तन का महत्वाकांक्षी खाका माना गया था। लेकिन क्रियान्वयन के महज तीन महीने बाद ही मनपा का विकास का रोडमैप परिचालन ठहराव में चला गया है।

देरी की शुरुआत से ही अटकाव

लालफीताशाही, सॉफ्टवेयर माइग्रेशन की बाधाएं और लगातार चुनावी तथा विधायी व्यवधानों के चलते दर्जनों प्रमुख कल्याणकारी और बुनियादी ढांचा योजनाएं कागजी वादों तक ही सीमित रहने का खतरा है, क्योंकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने की घड़ी तेज गति से बीत रही है।

इस झटके की शुरुआत प्रक्रियागत देरी से हुई। इस साल जनवरी में हुए स्थानीय नगर निकाय चुनाव के कारण बजट जून के अंत में रखा गया, जो तय समय से लगभग डेढ़ महीने पीछे था। इससे औपचारिक प्रशासनिक क्रियान्वयन 1 अगस्त तक टल गया।

नई डिजिटल प्रणाली से और बढ़ी उलझन

Advertisement

गति तब और टूट गई जब नगर प्रशासन ने फाइल प्रोसेसिंग और बिल क्लीयरेंस के लिए डिजिटल ‘वर्क मॉड्यूल’ प्रणाली शुरू की। मनपा के सूचना प्रौद्योगिकी अधिकारी ने स्पष्ट किया, जो फाइलें पहले से टेंडर या वर्क ऑर्डर के चरण में हैं, उन्हें पूर्वव्यापी अनुमोदन के लिए वापस नहीं भेजा जाएगा। मॉड्यूल केवल उन फाइलों पर लागू होता है जो प्रारंभिक अनुमान या तकनीकी स्वीकृति के चरण में हैं और प्रशासनिक अनुमोदन की प्रतीक्षा में हैं।

27 अक्टूबर तक आचार संहिता का पहरा

इस गतिरोध को और बढ़ा रही है 27 अक्टूबर तक लागू आदर्श आचार संहिता, जो स्थायी समिति को ताजा प्रकल्प फाइलें मंजूर करने या टेंडर निकालने से रोक रही है। आचार संहिता उठने के बाद दिवाली के त्योहार और 7 दिसंबर से शुरू होने वाले महाराष्ट्र राज्य विधिमंडल के शीतकालीन अधिवेशन की व्यापक तैयारियां प्रशासनिक समय को खा जाएंगी, जिससे नगर कार्यों को मंजूरी देने के लिए कामकाजी खिड़की नगण्य स्तर तक सिकुड़ जाएगी।

बड़े प्रकल्प खतरे में

इस आगामी समय सीमा के संकट से प्रमुख बुनियादी ढांचा प्रकल्प खतरे में हैं। इनमें 135 सड़कों को कवर करने वाला 900 करोड़ रुपये का सीमेंट कंक्रीट रोड चरण-5, धरमपेठ और शंकर नगर में 31.98 करोड़ रुपये का हेल्दी स्ट्रीट कार्यक्रम, 1.8 लाख स्ट्रीटलाइट्स को एलईडी में बदलना और सेंट्रल विस्टा की तर्ज पर महल में 125 करोड़ रुपये का टाउन हॉल शामिल है।

कल्याणकारी योजनाओं का भविष्य अनिश्चित

महत्वपूर्ण सामाजिक कल्याण पहल का भविष्य भी अनिश्चित है। इनमें ‘महापौर माहेर योजना’, 10 क्षेत्रों में मजदूरों के लिए आश्रय ‘ठिय्या’, ‘साओजी और वीवर फेस्टिवल’, 5,000 सोलर स्टोव, 75 लड़कियों के लिए मुफ्त साइकिल, पे-एंड-पार्क सुविधाएं, जट्टारोड़ी में डायग्नोस्टिक और डायलिसिस सेंटर, प्रमिला मेंढे अंतरराष्ट्रीय भाषा कार्यक्रम के तहत डिजिटल ई-लाइब्रेरी, 53 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और पाचपावली सिकल सेल डे केयर सेंटर शामिल हैं।

अगले वर्ष पर पड़ेगा बोझ

अधूरे प्रकल्प 2027-28 में भारी देनदारियां लेकर जाएंगे, जिससे मनपा को नई पहलों के बजाय पिछले बकाया को वित्त पोषित करना पड़ेगा। खर्च के आंकड़ों के लिए संपर्क करने पर मुख्य लेखा और वित्त अधिकारी ने कहा कि बजट खर्च का संकलन केवल दिसंबर में किया जाता है। दिसंबर में 2027-28 के बजट की तैयारी भी शुरू होने से प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है: रुके हुए कामों को निष्पादित करना और आगे की योजना बनाना। इससे 6,202 करोड़ रुपये के प्रावधान के वास्तविक उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.