Published On : Thu, Aug 4th, 2016

मेट्रो रीजन प्रारूप पर सरकार ने लगाई मुहर

Pic Courtesy - Nagpur Metro

Pic Courtesy – Nagpur Metro


नागपुर:
राज्य सरकार ने गुरुवार को मेट्रो रिजन विकास प्रारूप को मंजूरी दे दी। नागपुर सुधार प्रन्यास ने सूचनाओ के साथ इस प्रारूप को मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेजा था। गुरुवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस प्रारूप को मंजूरी दी गई। प्रारूप को सरकार ने मान्यता जरूर दी पर इस बैठक में विरोधियो ने इस पर आपत्ति भी दर्ज कराई। 6 नागपुर शहर के आसपास के 25 किलोमीटर परिसर के अंतर्गत आने वाली 9 तहसीलो के 721 गाँव का मेट्रो रीजन में समावेश किया गया है।

इस क्षेत्र के विकास की जिम्मेदारी एनआईटी गई है। एनआईटी ने मेट्रो रीजन के विकास के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है पर इस रिपोर्ट को लेकर आपत्ति लगातार उठाई गई। बावजूद इसके 21 जून को एनआईटी विश्वस्त मंडल की हुई बैठक में इस प्रारूप को मंजूरी दी गई। प्रारूप को मंजूरी देने के बाद भी कई मुद्दों को लेकर इस प्रारूप पर आक्षेप उठाया गया। इस प्रारूप को लेकर पहले 8 जुलाई को बैठक होने वाली थी पर मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति की वजह से यह बैठक नहीं हुई। आज हुई बैठक में इसे मंजूरी दी गई पर विरोधको ने आरक्षण, नागरिको पर होने वाले अन्याय का मुद्दा आज की बैठक में भी उठाया। इस प्रारूप के विरोध में 14 सदस्यो ने विरोध पत्र सादर किया है जिसमे 7 काँग्रेस के है। सदस्यो के विरोध पर मुख्यमंत्री ने कहा की जिस गति से शहर का विकास हो रहा है जिस वजह से बड़े पैमाने में अतिक्रमण किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में मेट्रो रीजन प्रारूप को मान्यता देना बेहद जरुरी है। 6 हजार 649 सूचनाओं और आक्षेपो के साथ इस प्रारूप को मंजूरी दी गई है।

मेट्रो रीजन प्रारूप की खास बाते
– नागपुर महानगर क्षेत्र की वर्ष 2027 की लोकसंख्या को आधार बनाकर आरक्षण प्रस्तावित किया गया है
-2037 की लोकसंख्या आधारित भूमि उपयोग की स्थिति को प्रस्तावित किया गया।
-इस प्रारूप में निवास, व्यावसायिक, औद्योगिक, सार्वजनिक स्थल, सुविधा मैदान, परिवहन, कृषि, वन, खदान, जलस्रोत के उपयोग की जगहों का समावेश है।
-प्रारूप में म्हाडा घर कुल योजना के लिए 10 हेक्टर की 4 जगहों का प्रस्ताव है
-वानाडोंगरी, जामठा, तिरोड़ी को विशेष व्यावसायिक क्षेत्र के लिए चयन किया गया है।
-बुटीबोरी, हिंगना एमआईडीसी औद्योगिक उपयोग के लिए बुटीबोरी, हिंगना एमआईडीसी, कोराडी, खापरखेड़ा, कपासी में जमीन प्रस्तावित की गई है।
-मजोरंजन 9 जगहों को आरक्षित किया गया है।
-प्रदर्शन और अधिवेशन केंद्र, जेल-न्यायलय, घनकचरा व्यवस्थापन के लिए 2 जगह सुनिश्चित की गई है।
-12 अग्निशमन केंद्र, हॉस्पिटल, स्कूल जैसे सुविधाएं मेट्रो रीजन में प्रस्तावित है।
-11 जगहों पर विद्युत् उपकेंद्र, 12 जगहों पर एसटीपी, 38 जलकुंभ के लिए जगह प्रस्तावित है।