
नागपुर: नागपुर के इतवारी सराफा बाजार में 21.61 लाख रुपये के सोने के आभूषणों की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ग्राहकों को दिखाने के बहाने दो सराफा दलाल एक कारोबारी की दुकान से 132 ग्राम सोने के गहने ले गए। आरोप है कि दोनों ने आभूषण बेच दिए, लेकिन बिक्री से मिली रकम कारोबारी को लौटाने के बजाय खुद हड़प ली। कई महीनों तक भुगतान नहीं मिलने के बाद मामला तहसील पुलिस तक पहुंचा है।
63 साल पुरानी पुश्तैनी दुकान से लिए थे गहने
यह मामला नागपुर के तहसील पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत इतवारी सराफा बाजार स्थित शहीद चौक का है। सीए रोड के दारोडकर चौक निवासी 63 वर्षीय उत्तम फूलचंद कश्यप की यहां ‘गुलाबचंद साहेबलाल ज्वेलर्स’ नाम से करीब 63 साल पुरानी पुश्तैनी दुकान है।
सराफा बाजार में व्यापारिक व्यवस्था के तहत छोटे व्यापारी और दलाल ग्राहकों को दिखाने के लिए बड़े दुकानदारों से आभूषण लेकर जाते हैं। बिक्री होने के बाद उन्हें संबंधित कारोबारी को रकम चुकानी होती है। आरोप है कि इसी व्यापारिक भरोसे का फायदा उठाकर दोनों दलालों ने कथित तौर पर धोखाधड़ी की।
मेमो रजिस्टर में दर्ज थे हस्ताक्षर
आरोपियों की पहचान लकड़गंज के निकालस मंदिर परिसर निवासी प्रसन्ना प्रफुल्ल सराफ और प्रफुल्ल प्रेमचंद सराफ के रूप में हुई है। शिकायत के अनुसार, दोनों ग्राहकों को दिखाने के बहाने 132 ग्राम शुद्ध सोने के आभूषण लेकर गए थे। इस लेन-देन के संबंध में दुकान के मेमो रजिस्टर में उनके हस्ताक्षर भी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
इन आभूषणों की कुल बाजार कीमत 21 लाख 61 हजार 976 रुपये बताई गई है। आरोप है कि दोनों ने गहने बेचकर प्राप्त रकम कारोबारी उत्तम कश्यप को नहीं लौटाई और उसे अपने निजी इस्तेमाल में ले लिया।
कई महीनों तक रकम नहीं मिलने पर पुलिस तक पहुंचा मामला
कारोबारी का आरोप है कि उन्होंने कई महीनों तक दोनों से रकम लौटाने की मांग की, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
फिलहाल तहसील पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों, मेमो रजिस्टर में दर्ज हस्ताक्षरों और आभूषणों की बिक्री से संबंधित तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।



