नागपुर: नागपुर विभागीय पदवीधर मतदारसंघ की मतगणना बेहद रोचक और कांटे की टक्कर पर आ गई है। कांग्रेस के अभिजीत वंजारी और भाजपा के सुधाकर कोहले के बीच पहली पसंद के वोटों के लिए सीधी लड़ाई देखी गई, लेकिन कुल 1 लाख 65 हजार 909 वैध वोटों में से जीत के लिए जरूरी कोटा कोई भी पूरा नहीं कर पाया है।
अब राष्ट्रवादी कांग्रेस के बंडखोर उम्मीदवार नितेश कराले गुरुजी के खाते में पड़ी दूसरी पसंद की वोट ही नया पदवीधर आमदार तय करने वाली हैं।
क्या है आंकड़ा –
पहली पसंद के दो राउंड की गिनती के बाद भाजपा के सुधाकर कोहले ने 60 हजार 124 वोट लेकर बढ़त बना ली है, जबकि कांग्रेस के अभिजीत वंजारी 56 हजार 630 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर हैं।
पहले राउंड में वंजारी ने अनपेक्षित बढ़त लेकर भाजपा खेमे की धड़कन बढ़ा दी थी, लेकिन दूसरे राउंड में कोहले ने करीब चार हजार वोटों की बढ़त लेकर जोरदार वापसी की और भाजपा को राहत दी।
कराले बने गेमचेंजर –
इस चुनाव में सबसे बड़ा सरप्राइज राष्ट्रवादी के बंडखोर नितेश कराले रहे। उन्होंने अकेले 24 हजार 249 वोट लेकर सबको चौंका दिया। बाकी 35 उम्मीदवारों में से 21 उम्मीदवार कम वोट मिलने से शर्त के मुताबिक दौड़ से बाहर हो गए हैं, और बाकी बचे सभी उम्मीदवारों को मिलाकर भी सिर्फ 7 हजार के आसपास वोट मिले हैं।
पहली पसंद में कोटा पूरा न होने से अब एलिमिनेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है और दूसरी पसंद के वोटों की गिनती शुरू हो गई है। शुरुआती दूसरी पसंद की गिनती में कोहले को 56, वंजारी को 63 और कराले को 48 वोट मिले हैं।
कराले गुरुजी भले ही रेस में अभी कायम हैं, लेकिन उनके बाहर होने के बाद उनके 24 हजार से ज्यादा मतदाताओं ने दूसरी पसंद किसे दी है, इसी पर अंतिम जीत-हार का गणित टिका है। भाजपा खेमे में आशा का माहौल है तो कांग्रेस भी इन वोटों पर दावा कर रही है। इसलिए कराले गुरुजी की दूसरी पसंद किसके सिर पर जीत का ताज पहनाती है, इस पर पूरे विदर्भ की नजर लगी है।



