
नागपुर – दिवाली का त्योहार अपने परिवार के साथ मनाने के लिए घर लौटने की तैयारी कर रहे नागपुर के विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और आईटी प्रोफेशनल्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मुंबई और पुणे में रहने वाले नागपुर के लोगों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती त्योहार से पहले अपने घर पहुंचने की है। दिवाली के मद्देनजर रेल और हवाई यात्रा की मांग तेजी से बढ़ गई है। इसका असर टिकटों की उपलब्धता और किराए पर साफ दिखाई दे रहा है।
स्थिति यह है कि 4 से 7 नवंबर के बीच मुंबई और पुणे से नागपुर आने वाली प्रमुख ट्रेनों में टिकटों की बुकिंग ‘रिग्रेट’ स्थिति में पहुंच गई है। यानी संबंधित श्रेणियों में फिलहाल टिकट उपलब्ध नहीं हैं और सामान्य बुकिंग के जरिए यात्रा की सीट मिलना मुश्किल हो गया है। यही परेशानी दिवाली के बाद नागपुर से मुंबई और पुणे लौटने वाले यात्रियों के सामने भी खड़ी हो सकती है।
त्योहार के दौरान घर पहुंचने की इच्छा रखने वाले यात्रियों को अब रेलवे की ओर से विशेष ट्रेनों की घोषणा का इंतजार है। वहीं, जिन लोगों को किसी भी हाल में निर्धारित तारीख पर नागपुर पहुंचना है, वे हवाई यात्रा का विकल्प तलाश रहे हैं। लेकिन विमानों के किराए में हुई बढ़ोतरी ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है।
प्रमुख ट्रेनों में टिकट मिलना मुश्किल
दिवाली के समय मुंबई और पुणे से नागपुर आने वाली ट्रेनों में हर साल यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। इन शहरों में बड़ी संख्या में नागपुर के विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं, जबकि हजारों लोग निजी कंपनियों, आईटी सेक्टर और अन्य संस्थानों में काम करते हैं। त्योहार के मौके पर अधिकतर लोग अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिए घर लौटना चाहते हैं।
इस बार भी यात्रियों की भीड़ के चलते प्रमुख ट्रेनों में सीटों की मांग काफी बढ़ गई है। मुंबई-नागपुर-मुंबई मार्ग पर चलने वाली दुरंतो एक्सप्रेस समेत अन्य प्रमुख ट्रेनों में आरक्षण की स्थिति बेहद कठिन हो गई है। कई ट्रेनों में बुकिंग स्टेटस ‘रिग्रेट’ दिखाई दे रहा है। ऐसे में यात्रियों के पास अपनी यात्रा की तारीख बदलने, वैकल्पिक साधन तलाशने या अतिरिक्त ट्रेनों की घोषणा का इंतजार करने के अलावा सीमित विकल्प बचे हैं।
जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक नहीं कराई, उनके लिए अब मनचाही तारीख पर नागपुर पहुंचने की योजना बनाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। खासकर नौकरीपेशा लोगों के लिए छुट्टियों की सीमित अवधि के कारण यात्रा की तारीख बदलना भी आसान नहीं है।
दिवाली के दिन भी वेटिंग, यात्रियों की चिंता बरकरार
दिवाली से पहले के दिनों में ट्रेनों में टिकट उपलब्ध नहीं होने के कारण कुछ यात्री त्योहार के दिन यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, दिवाली के दिन मुंबई से नागपुर आने वाली कुछ ट्रेनों में वेटिंग की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी है, लेकिन प्रतीक्षा सूची का आंकड़ा 100 के पार पहुंच चुका है।
ऐसी स्थिति में टिकट बुक कराने वाले यात्रियों के सामने यह चिंता बनी हुई है कि उन्हें यात्रा का अवसर मिल पाएगा या नहीं। प्रतीक्षा सूची में टिकट होने का अर्थ कन्फर्म सीट की गारंटी नहीं है। इसलिए परिवार के साथ यात्रा करने वाले लोगों को अपनी योजना बनाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।
वहीं, पुणे से नागपुर आने वाली ट्रेनों में भी एसी और स्लीपर श्रेणियों में सीटों की उपलब्धता को लेकर परेशानी सामने आ रही है। त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण इन दोनों शहरों से नागपुर आने वाली रेल सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है।
वंदे भारत एक्सप्रेस में भी सीटों का संकट
नागपुर और पुणे के बीच रेल कनेक्टिविटी के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प है। सामान्य दिनों में इस ट्रेन से यात्रा करने वालों को कई बार टिकट आसानी से मिल जाती है, लेकिन त्योहार के दौरान इसकी मांग भी बढ़ गई है।
दिवाली के आसपास इस ट्रेन में भी टिकटों की उपलब्धता को लेकर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खास बात यह है कि इसकी एग्जीक्यूटिव चेयर कार का किराया लगभग 3,740 रुपये होने के बावजूद सीटों की बुकिंग पूरी हो चुकी है।
आमतौर पर जिन दिनों में इस ट्रेन में सीटें उपलब्ध रहती हैं, उन दिनों के मुकाबले त्योहार के दौरान स्थिति अलग दिखाई दे रही है। यात्रियों के लिए वंदे भारत एक सुविधाजनक विकल्प जरूर है, लेकिन जब इसमें भी सीटें उपलब्ध नहीं होतीं, तो उनके सामने दूसरी ट्रेनों या हवाई यात्रा पर निर्भर रहने की मजबूरी बन जाती है।
रेलवे से विशेष ट्रेनों की मांग, घोषणा का इंतजार
त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ और टिकटों की कमी को देखते हुए मध्य रेलवे के नागपुर मंडल ने विशेष ट्रेनें चलाने की मांग भारतीय रेलवे के समक्ष रखी है।
नागपुर से पुणे, मुंबई और बिहार के समस्तीपुर के लिए दो से तीन फेरे चलाने का प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी दी गई है। यदि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो त्योहार के दौरान यात्रा करने वाले लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
विशेष ट्रेनों का संचालन होने पर उन यात्रियों को भी विकल्प मिल सकता है, जिन्हें नियमित ट्रेनों में टिकट नहीं मिल रही है। हालांकि, प्रस्ताव भेजे जाने और ट्रेन संचालन की आधिकारिक घोषणा होने के बीच अंतर है। इसलिए यात्रियों को विशेष ट्रेनों की तारीख, समय, ठहराव और आरक्षण शुरू होने की आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
अमन मित्तल, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक के अनुसार, यात्रियों की परेशानी को देखते हुए मध्य रेलवे के नागपुर मंडल ने त्योहार के दौरान अतिरिक्त ट्रेनें चलाने के लिए भारतीय रेलवे को प्रस्ताव भेजा है। नागपुर से पुणे, मुंबई और समस्तीपुर के लिए दो से तीन फेरे चलाने का प्रस्ताव है। आने वाले दिनों में इन ट्रेनों की घोषणा होने की उम्मीद है, जिससे त्योहार के समय यात्रा करने वाले यात्रियों को सहूलियत मिल सकती है।
रेल टिकट नहीं तो विमान का सहारा, लेकिन किराया आसमान पर
रेलवे में सीट उपलब्ध नहीं होने के कारण अब कई यात्री हवाई यात्रा का विकल्प तलाश रहे हैं। लेकिन दिवाली के दौरान विमानों की बढ़ती मांग का असर किराए पर भी पड़ रहा है। मुंबई और पुणे से नागपुर आने वाली उड़ानों के किराए में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
उपलब्ध किराया जानकारी के अनुसार, दिवाली से पहले पुणे से नागपुर आने वाली फ्लाइट का किराया लगभग 17,697 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, मुंबई से नागपुर आने वाली उड़ानों का किराया लगभग 19,028 रुपये तक बताया जा रहा है।
सामान्य दिनों में कम कीमत पर हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए ये किराए काफी अधिक हैं। परिवार के कई सदस्यों के साथ यात्रा करने वालों का खर्च और बढ़ सकता है। ऐसे में जिन लोगों के लिए विमान से यात्रा करना समय की जरूरत है, उन्हें अधिक रकम खर्च करने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
दिवाली के बाद सप्ताहांत में भी मुंबई और पुणे से नागपुर आने वाली उड़ानों का किराया सामान्य दरों की तुलना में दोगुने से अधिक होने की जानकारी है। इससे स्पष्ट है कि त्योहार के दौरान केवल रेल यात्रा ही नहीं, बल्कि हवाई यात्रा भी महंगी होती जा रही है।
विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों की बढ़ी परेशानी
मुंबई और पुणे में रहने वाले नागपुर के विद्यार्थियों तथा नौकरीपेशा लोगों के लिए दिवाली पर घर लौटना भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण होता है। सालभर पढ़ाई और नौकरी में व्यस्त रहने वाले लोग त्योहार पर अपने माता-पिता और परिवार के साथ समय बिताने की योजना बनाते हैं।
लेकिन टिकट नहीं मिलने और हवाई किराया बढ़ने के कारण कई लोगों की योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। विद्यार्थियों के लिए महंगे हवाई टिकट खरीदना आर्थिक रूप से कठिन हो सकता है। वहीं, निजी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सीमित छुट्टियों के कारण यात्रा को आगे-पीछे करना भी आसान नहीं होता।
परिवार के साथ यात्रा करने वाले लोगों की समस्या और गंभीर हो जाती है, क्योंकि एक साथ कई टिकटों की व्यवस्था करनी पड़ती है। ऐसे में यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख, साधन और बजट के बीच तालमेल बैठाना पड़ रहा है।
दिवाली के बाद वापसी की चिंता भी बढ़ी
दिवाली से पहले नागपुर आने वाले यात्रियों के सामने ही परेशानी नहीं है, बल्कि त्योहार के बाद मुंबई और पुणे लौटने वालों के लिए भी टिकटों की उपलब्धता चिंता का विषय बनी हुई है।
दिवाली के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी और कर्मचारी अपने कार्यस्थल तथा शिक्षण संस्थानों में लौटते हैं। ऐसे में नागपुर से मुंबई और पुणे जाने वाली ट्रेनों में भी मांग बढ़ने की संभावना रहती है। यदि अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था नहीं होती है, तो वापसी की यात्रा के लिए भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
इसलिए यात्रियों की नजर रेलवे की ओर से घोषित की जाने वाली विशेष ट्रेनों पर टिकी है। अतिरिक्त फेरे शुरू होने से नियमित ट्रेनों पर दबाव कम करने और यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा सुविधा देने में मदद मिल सकती है।
यात्रियों को क्या करना चाहिए?
दिवाली के दौरान यात्रा करने की योजना बना रहे यात्रियों को रेलवे और विमानन कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर टिकटों की उपलब्धता और किराए की जानकारी नियमित रूप से जांचनी चाहिए। प्रतीक्षा सूची वाले टिकट की स्थिति को समझकर ही यात्रा की अंतिम योजना बनानी चाहिए।
यदि नियमित ट्रेनों में सीट उपलब्ध नहीं है, तो दूसरी तारीखों, वैकल्पिक ट्रेनों और उपलब्ध अन्य यात्रा साधनों पर भी विचार किया जा सकता है। विशेष ट्रेनों की घोषणा होने पर उनकी बुकिंग संबंधी जानकारी भी आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त करनी चाहिए।
फिलहाल, नागपुर के उन लोगों के लिए दिवाली की यात्रा एक बड़ी चुनौती बनती दिखाई दे रही है, जो मुंबई और पुणे से अपने घर लौटना चाहते हैं। नियमित ट्रेनों में टिकटों की कमी, वंदे भारत में सीटों का संकट और हवाई किराए में बढ़ोतरी ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। अब सबकी निगाहें रेलवे की ओर से विशेष ट्रेनों की घोषणा पर टिकी हैं, ताकि त्योहार पर अपने परिवार के साथ दिवाली मनाने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को राहत मिल सके।



