नागपुर: हुड़केश्वर पुलिस थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी के आरोपी अमित भगत की जहरीला पदार्थ खाने के बाद हुई मौत का मामला अब गंभीर होता जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, मामले की प्रारंभिक जांच नागपुर क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच CID को भी सौंपी जा सकती है।
अमित भगत पर यवतमाल जिले के कलंब में एक पेट्रोल पंप से करीब 4.80 लाख रुपये के कथित गबन का मामला दर्ज था। मामला सामने आने के बाद वह अपनी पत्नी के साथ नागपुर आकर हुड़केश्वर क्षेत्र में रहने लगा था।
हिरासत में लेने के दौरान खाया जहरीला पदार्थ
सोमवार को कलंब पुलिस की टीम हुड़केश्वर पुलिस के साथ अमित को हिरासत में लेने पहुंची थी। इसी दौरान उसकी पत्नी ने विरोध करते हुए हंगामा किया। बताया जा रहा है कि इसी बीच अमित ने अपने पास रखी चूहे मारने की दवा निगल ली।
जहर खाने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम उसे तत्काल अस्पताल लेकर गई, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।
न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम
अमित की मौत के बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों से मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
कुछ महीनों में दूसरी कस्टडी डेथ
इस घटना ने पुलिस हिरासत में आरोपियों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले जरीपटका पुलिस थाने में पॉक्सो मामले के 19 वर्षीय आरोपी नागेंद्रकुमार भारतीय ने हवालात में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
अब हुड़केश्वर में आरोपी की जहरीला पदार्थ खाने से मौत के बाद यह सवाल उठ रहा है कि पुलिस की मौजूदगी में अमित के पास चूहे मारने की दवा कैसे पहुंची और उसे जहरीला पदार्थ निगलने से रोकने के लिए समय रहते सुरक्षा उपाय क्यों नहीं किए जा सके।
क्राइम ब्रांच जांच के बाद CID की संभावना
फिलहाल क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान यदि पुलिस की कार्यप्रणाली, लापरवाही या अन्य गंभीर पहलुओं से जुड़े तथ्य सामने आते हैं, तो मामले की जांच CID को सौंपे जाने की संभावना है।
जांच एजेंसी के सामने अब यह पता लगाना अहम है कि अमित के पास जहरीला पदार्थ कैसे पहुंचा, उसने इसे कब और किन परिस्थितियों में निगला और इसके बाद पुलिस ने उसे बचाने के लिए क्या तत्काल कदम उठाए।
फिलहाल मामले में क्राइम ब्रांच की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। इन्हीं के आधार पर अमित भगत की मौत की परिस्थितियों और पुलिस की भूमिका को लेकर आगे की तस्वीर स्पष्ट होगी।





