
इस मामले में पुलिस ने अंकुश तोमरस्कर, अमित ठाकरे, ऋषि नागदिवे, रोमित उर्फ ‘पुल्या’ वाहणे, केतन माटे, ऋषभ पैठल और कार्तिक तोमरस्कर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच के अनुसार, अंकुश पर फल्ली के करीब ₹4 लाख बकाया थे और वह कथित तौर पर रकम लौटाने से बच रहा था। इसके बाद फल्ली ने उसे कथित तौर पर मोटघरे के घर पर हमला करने की जिम्मेदारी सौंपते हुए बकाया रकम माफ करने का प्रस्ताव दिया। पुलिस के मुताबिक, अंकुश ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।
‘बावाजी’ के कार्यालय में बनी थी साजिश
जांच में यह भी सामने आया है कि फायरिंग की कथित साजिश जुआ किंगपिन अशोक यादव उर्फ ‘बावाजी’ के कार्यालय में रची गई थी। पुलिस का दावा है कि बैठक के दौरान फल्ली भी मौजूद था। इस आधार पर अशोक यादव उर्फ बावाजी को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।
फिलहाल फल्ली और बावाजी दोनों फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद फायरिंग की साजिश, इसके पीछे के मकसद और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में और जानकारी सामने आ सकती है।
आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच
क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार आरोपियों और फरार आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, फल्ली, बावाजी, अंकुश और उनके सहयोगियों के खिलाफ पहले से कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क और गतिविधियों को देखते हुए महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।




