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    Nagpur City No 1 eNewspaper : Nagpur Today

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    Published On : Mon, Apr 6th, 2020

    तो क्या नागपुर Corona के “Time Bomb” पर बैठा है ?

    टेस्टिंग की कमी से जूझ रहा है महकमा

    नागपुर- जी हाँ , आज पूरी दुनिया मे रोजाना कोरोना के मरीजो की संख्या मे इजाफा हो रहा है. जिससे अमेरिका जैसा देश भी अछूता नहीं है . हमारे देश मे यह संख्या अभी कम है लेकिन ये ख़ुशी की बात बिलकुल नहीं है.

    आप सोच रहे हो ऐसा क्यों ? उसका कारण है की जहॉ पूरी दुनिया रोज बड़े पैमाने पर टेस्ट कर रहा है वही हमारे देश मे यह ना के बराबर है . नागपुर की बात करे तो 500 नमूने अभी सिर्फ टेस्टिंग की राह देख रहे है. सोचिए अगर यह जाँच रिपोर्ट मे 50% भी पॉजिटिव आते है तो ? इसलिए जरूरी है की सरकार टेस्टिंग किट पर्याप्त मात्रा मे उपलब्ध करवाए और जांच की संख्या मे इजाफा करे.

    अन्यथा नागपुर समेत अन्य जगह मे मरीजों की संख्या ना सिर्फ बढ़ोत्तरी होगी बल्कि हालत और ख़राब होंगे गए . आपको बता दे की , मेयो प्रयोगशाला की एक मशीन बंद होने से कोरोना के नमूनों की जांच की जिम्मेदारी एम्स पर आ गई है. लेकिन राज्य सरकार की ओर से टेस्टिंग किट पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं की गई है. जानकारी के अनुसार एम्स में फिलहाल 60 नमूनों की जांच के बराबर ही किट उपलब्ध है.ऐसे में नागपुर एम्स ने छत्तीसगढ़ सरकार से किट भेजने की है. अगर किट की कमी को दूर नहीं किया गया तो जांच बंद हो सकती है.

    मेयो के डीन डॉ केवलिया ने बताया कि तकनीकी विशेषज्ञ मशीन को ठीक करने की कोशिश में अब भी जुटे हैं. शुक्रवार को सुबह दस अजे के आसपास मेयो की दो कोरोना जांच की रियल टाइम पीसीआर मशीन में एक ब्रेकडाउन हो गई थी . उन्होंने बताया की 463 नमूनों की टेस्टिंग अभी बाकी है. मरकज के बाद से सैंपल और ज्यादा आ रहे है. दूसरे शहरों से भी सैंपल आ रहे है.150 नमूनों को एम्स भेजा गया था.

    जिन लोगों के सैंपल पेंडिंग है अगर वे संक्रमित रहे तो उनसे भी खतरा बढ़ सकता है. मरकज से आए लोगों के कारण संक्रमित लोगों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो सकती है. तो यह कहना गलत नहीं होगा की नागपुर कोरोना के बम पर बैठा हुआ है. इसको लेकर सरकार ने टेस्ट बढ़ाने चाहिए .कोरोना वायरस का पहला मामला भारत में आए दो महीने हो गए हैं.

    लेकिन ये भी सच है कि कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ लड़ाई में अभी तक कम लोगों की जाँच के लिए भारत की आलोचना हो रही है.भारत में कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगाने वाले टेस्ट बेहद कम हुए हैं.यहां प्रति 10 लाख लोगों में महज़ 6.8 लोगों के टेस्ट किए गए हैं, जो दुनिया भर के देशों में सबसे निम्नतम दर है.शुरुआत में, भारत में केवल उन लोगों के टेस्ट किए गए जो हाई रिस्क वाले देशों की यात्रा से लौटे थे या फिर किसी संक्रमित मरीज़ या मरीज़ का इलाज कर रहे स्वास्थ्यकर्मी के संपर्क में आए थे.

    बाक़ी देशों में टेस्टिंग ( 30 मार्च तक का आकड़ा )

    आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव के मुताबिक़ फ़्रांस हर सप्ताह 10 हज़ार लोगों के टेस्ट कर रहा है, ब्रिटेन में 16 हज़ार लोगों की टेस्टिंग हर हफ़्ते हो रही है जबकि अमरीका में तकरीबन 26 हज़ार लोगों की टेस्टिंग प्रति सप्ताह हो रही है.

    जो देश प्रति सप्ताह ज़्यादा लोगों की टेस्टिंग कर रहे हैं उनमें शामिल हैं दक्षिण कोरिया जो तकरीबन 80 हज़ार लोगों की टेस्टिंग एक हफ़्ते में कर रहा है.

    वैसे ही जर्मनी में तकरीबन 42 हज़ार और इटली में हर हफ़्ते तकरीबन 52 हज़ार लोगों की टेस्टिंग की जा रही है.

    दक्षिण कोरिया में कोरोना टेस्ट

    शुरू में दक्षिण कोरिया में कोरोना संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़े. लेकिन इसने संक्रमण की पुष्टि के लिए टेस्ट विकसित किया. पहले जहां दक्षिण कोरिया में रोज़ क़रीब 10 हज़ार लोगों का मुफ्त परीक्षण हो रहा है, अब ये संख्या बढ़ कर 20 हज़ार हो गई है.

    दक्षिण कोरिया में दर्जनों ऐसे केंद्र बनाए गए हैं जहां आप गाड़ी में बैठे-बैठे टेस्ट करा सकते हैं. यहां आपके नाक और मुंह का स्वैब लिया जाता है. और आप घर जा सकते हैं. टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने पर आपको कॉल करके बताया जाता है, जबकि नेगेटिव आने पर आपको फोन पर सिर्फ़ एक मैसेज भेजा जाता है.

    दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस टेस्ट के लिए बनाए गए ये लैब्स 24×7 काम कर रहे हैं. यहां कोरोना वायरस टेस्ट के लिए 96 पब्लिक और प्राइवेट लैब का निर्माण किया है.

    सिंगापुर में जब एक मरीज वहां कोरोना से संक्रमित पाया गया था. तभी वहां की सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए रोजाना करीब 16 हजार लोगों के टेस्ट करने शुरू किए.

    स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि इस तरह से लोगों की ज़िंदगियां बचाई जा सकती हैं. दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस से मौत की दर 0.7 फ़ीसदी है. अगर वैश्विक स्तर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर जारी की गई दर की बात करें तो यह 3.4 फ़ीसदी है. दक्षिण कोरिया की आबादी पांच करोड़ है.

    टेस्टिंग किट को लेकर जिले के पालकमंत्री डॉ.नितिन राऊत ने बताया की मेयो की मशीन ठीक हो गई है. राऊत ने कहा की अभी 2 हजार कोरोना टेस्टिंग किट का आर्डर दिया गया है.

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