
नागपुर – कैटरिंग का काम दिलाने का झांसा देकर महिला को जयपुर ले जाने, वहां दबाव बनाकर उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी कराने और बाद में दुष्कर्म करने के गंभीर मामले में विशेष अदालत ने छह आरोपियों को दोषी ठहराया है। विशेष अदालत के न्यायाधीश जे.सी. यादव ने चार आरोपियों को दुष्कर्म के मामले में 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं, मामले में शामिल दो महिला आरोपियों को 7-7 वर्ष के कारावास की सजा दी गई।
दोषी ठहराए गए आरोपियों में अशोक बद्रीप्रसाद शर्मा, संजय मदनलाल पारिख, विजय कल्याणमल सोनी और मुकेशकुमार रामेश्वर जाखड़ शामिल हैं। इन चारों को महिला से दुष्कर्म के मामले में 20-20 वर्ष की सजा सुनाई गई। वहीं अनु खान उर्फ मुस्कान अजीज खान और गीता रामखिलाड़ी सैनी को 7-7 वर्ष के कारावास की सजा मिली।
कैटरिंग के काम का दिया झांसा
मामले के अनुसार पीड़िता रायपुर में कैटरिंग का काम करती थी। इसी दौरान उसकी पहचान रिया सोमकुंवर और अनु खान से हुई। आरोप है कि 20 सितंबर 2021 को अनु खान ने उसे जयपुर में कैटरिंग का काम मिलने की बात कहकर नागपुर बुलाया। इसके बाद 27 सितंबर की रात उसे अनु खान और सलमान उर्फ करण शेख के साथ जयपुर ले जाया गया।
जयपुर पहुंचने के बाद महिला को एक होटल में ठहराया गया। वहां उसे अचानक शादी करने की बात बताई गई। पीड़िता ने शादी का विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी।
विरोध के बावजूद कराई शादी
अदालत के समक्ष सामने आए मामले के मुताबिक, दबाव और धमकी के बीच महिला की इच्छा के विरुद्ध संजय मदनलाल पारिख के साथ उसकी शादी कराई गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इसके बाद संजय ने उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में अशोक शर्मा पर भी उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा।
इतना ही नहीं, पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने उसकी इच्छा के विरुद्ध उसकी दूसरी शादी भी करा दी। पूरे घटनाक्रम के दौरान उसे लगातार दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ा।
12 आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला
इस मामले में पांचपावली थाने में वर्ष 2022 में मामला दर्ज किया गया था। प्रकरण में कुल 12 आरोपियों को नामजद किया गया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने सिरिन अजीज खान को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया। वहीं पांच आरोपी अब भी फरार हैं। फरार आरोपियों के खिलाफ फिलहाल सुनवाई नहीं हो सकी है।
सरकार की ओर से एडवोकेट रश्मि खापर्डे ने अदालत में पक्ष रखा। मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने छह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।



