Published On : Sun, Feb 2nd, 2020

अति विशिष्ठ चिकित्सा क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर पहचान बनांए नागपुर एम्स: नितिन गडकरी

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नागपुर :केन्द्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग तथा सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उघोग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि नागपुर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) AIIMS सामान्य चिकित्सा के साथ साथ जटिल बीमारियॉ और चिकित्सा क्षेत्र में विशिष्ठ उपलब्धियों के साथ वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करें। सही मायने में नागपुर एम्स को तभी स्थापित माना जाएगा जब एम्स में दुनिया भर से इलाज के लिए लोग नागपुर आएंगे। मै उम्मीद करता हूँ कि आने वाले दिनों में एम्स में १०,००० लोग रोजाना ईलाज के लिए आयेंगे।

ग़डकरी नागपुर एम्स के दूसरे स्थापना दिवस समारोह में डाक्टरों और छात्रों को सम्बोधित कर रहे थे, उन्होने कहा कि अपने खुद के इलाज के लिए जब दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में गए थे तभी से उनके मन में ऐसे सुपर स्पेशलिटी अस्पताल देश के अन्य भागों में भी शुरू करने का विचार बन गया था जो बाद में सपना साकार होने जैसा नजर आ रहा है कल के बजट में इसको भी शामिल किया गया है।

नागपुर एम्स का जिक्र करते हुए केंन्द्रीय मंत्री ने कहा कि नागपुर इन दिनों चिकित्सा का हब बना हुआ है देश के मध्य भाग में स्थित होने के कारण इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। जहां महाराष्ट्र के सूदूर इलाकों के अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के लोग बड़ी संख्या में जटिल बीमारियों के इलाज के लिए नागपुर आतें है उन लोगों के सस्ती दरों पर इलाज की सुविधा नागपुर में मिल सके और उनको महानगरों में ना जाना पड़े इसलिए यहां एम्स की स्थापना होना जरूरी थी जिसके लिए केंन्द्र सरकार की तरफ से 2 हजार करोड़ और राज्य सरकार की तरफ से एक सौ पचास एकड़ जमीन मात्र 1 रू. लीज पर उपलब्ध कराई गई जिस पर तेजी से हो रहे काम से लग रहा है कि एम्स पूरी क्षमता के साथ काम करना शुरू कर देगा इसके लिए एम्स की निदेशक और उनकी टीम बधाई के पात्र है।

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सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उघोग मंत्रालय का जिक्र करते हुए श्री गडकरी ने कहा कि चिकित्सा उपकरणों के निर्माण के लिए उनकी देश में 6 जगहों पर चिकित्सा पार्क बनाने की योजना है जिसमे से एक पार्क नागपुर के मिहान में स्थापित करना चाहते है। विशाखापट्टनम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां 98 लाख रू. की लागत से जो उपकरण बना है वो आयात करने पर 6.50 करोड़ रू का पड़ता है वो चाहते है कि चिकित्सा के अधिकाशं उपकरण स्वदेश में बनें।

गडकरी ने कहा कि एम्स को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाने के लिए विदेशों में काम कर रहे भारतीय डॉक्टरों के अनुभव और आधुनिक तकनीक तथा नए शोधों का समावेश किया जाना चाहिए उन्होंने ज्ञान और तकनीक माध्यम सें नए शोध को बढ़ावा दिए जाने पर भी जोर देते हुए कहा कि वर्तमान दौर में देश की उन्नति भी तभी संभव है।

विदर्भ के विभिन्न क्षेत्रों में फैले सिकल सेल व अन्य बीमारियों का जिक्र करते श्री ग़डकरी ने कहा कि इन बीमारियों के इलाज के उन्मूलन के लिए एम्स पूरा सहयोग प्रदान कर सकता है। उन्होनें कहा कि अब बाई पास सर्जरी के लिए लोगों को मुंबई नही जाना पड़ता है।

इस मौके पर महाराष्ट्र सरकार के ऊर्जा मंत्री और नागपुर जिले के पालक मंत्री डॉ. नितिन राऊत ने कहा कि नागपुर में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार जिस तेजी से हो रहा है वह निश्चित तौर पर सकारात्मक है उन्होने नागपुर के विकास के लिए श्री नितिन गडकरी के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि उनके केन्द्रीय मंत्री रहते हुए नागपुर में जो विकास की तेजी नागपुर में दिखी वो सराहनीय है। उन्होंने श्री गडकरी को भविष्य दृष्टा बताते हुए कहा कि वे काफी आगे की सोच रखते जिसका लाभ नागपुर वासियों को मिल रहा है। पालक मंत्री ने कहा कि वो नागपुर के हित में पार्टी से ज्यादा व्यक्ति को पहले मह्त्व देते है।

कार्यक्रम में राज्य सभा सदस्य डॉ. विकास महात्मे ने कहा कि नागपुर के विकास और चिकित्सा सेवा के लिए वो हमेशा से तत्पर हैं। और चिकित्सा सेवा के लिए वो हमेशा से तत्पर हैं और एम्स के लिए जो भी आवश्यक होगा उसे पूरा करने का हर संभव प्रयास करेंगें

कार्यक्रम में एम्स की निदेशक मेंजर जनरल डॉ. विभा दत्ता ने कहा कि एम्स परिसर के बनने की शुरूआत से ही उन्हे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का मार्गदर्शन मिलता रहा है और आगे भी मिलता रहेगा। कार्यक्रम में एम्स के पहले बैच के छात्रों को सम्मानित भी किया गया।

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