Published On : Thu, Jan 25th, 2018

ईंधन व खर्च बचत हेतु मनपा बसों को किया जाएगी सीएनजी में तब्दील


नागपुर: ईंधन बचत के लिए ‘सीएनजी’ का उपयोग हर तरफ सफल रहा. इस क्रम में मनपा प्रशासन ने भी ढाई दर्जन बसों को प्रायोगिक तौर पर ‘सीएनजी’ में तब्दील करने का निर्णय लिया है. उक्त खर्चों का वहन रेड बस के ऑपरेटर करेंगे, संभवतः इससे मनपा को ईंधन खर्च पर 35% का बचत होने का दावा एस ( ace ) गैस कन्वर्जन कंपनी के प्रबंध निदेशक अमित शाह ने किया है.

मनपा की आपली बसों को सीएनजी में तब्दील कर सेवारत करने हेतु सुझाव केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गत बैठक में दिया था. इसी सुझाव को तरजीह देते हुए मनपा परिवहन सभापति बंटी कुकड़े ने सीएनजी में तब्दील करने वाली नामचीन एस गैस कन्वर्जन कंपनी के प्रबंधक को नागपुर आने का न्यौता दिया था. जिसके तहत कल गैस कंपनी के प्रबंध निदेशक अमित शाह ने नागपुर मनपा पहुंच संबंधितों को उक्त प्रक्रिया का विस्तृत विवरण के साथ डॉक्यूमेंटरी दिखाई। तत्पश्चात सभापति कुकड़े की पहल पर उन्हें 30 बसों का ‘पाइलट प्रोजेक्ट’ देने की हामी भरी गई.

शाह ने नागपुर टुडे से चर्चा करते हुए बताया कि ‘पॉयलट प्रोजेक्ट’ के तहत ढाई दर्जन डीजल बसों को टाइप -3 सिलेंडर का उपयोग करते हुए ‘सीएनजी’ बसों में तब्दील किया जाएगा। टाइप-3 सिलेंडर काफी हल्की होती है. 300 लीटर के सिलेंडर में 50 किलो गैस होता है. एक सीएनजी युक्त बस में 300 लीटर वाले 4 सिलेंडर लगेंगे, जिसमें 200 किलो गैस होगा, जो 600 किलोमीटर तक चलेगा। जिस पर 8 रूपए खर्च आएगा.

शाह के अनुसार डीजल से स्पार्क इंजिन में तब्दील करने का ‘वन टाइम कॉस्ट 2 से ढाई लाख रूपए आता है. इसके अलावा बड़ी बस में 1200 लीटर वाली(3-3 सौ लीटर वाली 4 सिलेंडर) सिलेंडर रखने के लिए टैंक निर्माण के लिए 11 लाख और मिनी बस में 800 लीटर की टैंक के लिए 7 लाख रुपए अतिरिक्त खर्च आता है. कुल मिलकर बड़ी बस को डीजल से सीएनजी में तब्दील करने के लिए 13.50 लाख रुपए और मिनी बस को 9.50 रुपए खर्च आएगा.

शाह ने जानकारी दी कि सभापति कुकड़े के ईंधन बचत के प्रति सकारात्मक प्रयास के कारण 30 बसों की ‘पॉयलट प्रोजेक्ट’ शुरू की जाने के मामले को नाकारा नहीं जा सकता है. उक्त 30 बसों को सीएनजी में तब्दील करने का खर्च परिवहन विभाग के अनुसार बस ऑपरेटरों द्वारा किया जाएगा.

‘पॉयलट प्रोजेक्ट’ के तहत सीएनजी बसों से होने वाली ईंधन की बचत,पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जाना तो तय है ही, साथ में मनपा का खर्च भी बचेगा. आज मनपा ‘आपली बस’ के ईंधन पर प्रति माह 6.5 करोड़ रूपए खर्च कर रही. शहर में दौड़ रही मनपा की सम्पूर्ण 360 बसों को सीएनजी में तब्दील करने से प्रत्येक माह 2 करोड़ रुपए की बचत होगी. फ़िलहाल ‘पॉयलट प्रोजेक्ट’ के तहत 30 बसों को सीएनजी में तब्दील करने के बाद अगले 2-3 माह में मनपा प्रशासन को 35 % बचत का आभास हो जाएगा.

ace ) गैस कन्वर्जन कंपनी ने दिल्ली और मुंबई में शुरू बस सेवाओं में शामिल डीजल बसों को सीएनजी में तब्दील कर उनका ईंधन के साथ खर्च बचाने में सफलता हासिल की. इसके अलावा कम्पनी टाटा मोटर्स,इसरो,अशोक लेलैंड,महिंद्रा और बेस्ट-मुंबई को सेवाएं दे चुकी है.