Published On : Tue, Apr 18th, 2017

मोदी के डिजिटलीकरण को लेना पड़ा अंगूठे का सहारा

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नागपुर:
पीएम मोदी ने १४ अप्रैल २०१७ को संतरानगरी में ‘आधार भुगतान एप भीम’ को राष्ट्र को समर्पित किया। इस एप को राष्ट्रीय भुगतान निगम और रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने संयुक्त रूप से तैयार किया था। नोटबंदी के बाद इन दिनों सभी लोग नगदी की किल्लत का सामना कर रहे है। इसलिए इस एप को नगदी की किल्लत के दौर में अहम् भूमिका निभाने के लिए ईजाद किया गया है। इस एप की मदद से बैंकों के खाताधारक डिजिटल लेन-देन कर सकेंगे। इसका उपयोग स्मार्ट फ़ोन से भी किया जा सकता है। जिनके पास स्मार्ट फ़ोन नहीं है वे भी कर सकते है। इसके लिए इंटरनेट, क्रेडिट या डेबिट कार्ड की जरुरत नहीं है। यह एप एकीकृत भुगतान प्रणाली इंटरफ़ेस पर आधारित है। इस प्रक्रिया को पूरी करने के लिए बैंक खाते की पूर्ण विवरण की जरुरत नहीं होंगी। उपभोक्ता के वर्चुअल आईडी से इस डिजिटल लेन-देन को पूरा किया जा सकता है। इस एप की मदद से पैसों का अंतरण, बिल भुगतान, ऑनलाइन शॉपिंग भुगतान, मकान किराया का भुगतान किया जा सकता है।

इस एप में बायोमेट्रिक रीडर को जोड़कर फिंगरप्रिट की मदद से किसी भी बैंक के खातेधारी, जिनका खाता आधार से जुड़ा है उन्हें कहीं भी भुगतान प्राप्त करने की सुविधा मिल सकेंगी। इस एप के आने के बाद बैंक ग्राहकों के साथ-साथ दुकानदारों को भी फायदा मिल सकेगा क्योंकि मौजूदा समय में डेबिट-क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर दुकानदारों को डिजिटल सुविधा का उपयोग करने के एवज में २.५ % सेवा शुल्क के रूप में देना पड़ता है, जिसका फायदा बैंक और गेटवे प्लेटफॉर्म सुविधा उपलब्ध कराने वाले सेवा प्रदाताओं को मिलता है। लेकिन आधार भुगतान एप ‘भीम’ के जरिये किये जाने वाले भुगतान पर दुकानदारों को ऐसा कोई शुल्क देना नहीं पड़ता है।

आधार भुगतान एप ‘भीम’ की सफलता के लिए सर्कार ने एसबीआई, बीओबी, पीएनबी, सीबीआई आदि को अप्रैल २०१७ तक ग्राहकों के खाते आधार से जोड़ने के निर्देश दिए है। इसके जवाब में बैंकों ने कहा कि आधार भुगतान एप ‘भीम’ से ग्राहकों को भुगतान देने की सुविधा वे मई २०१७ से करा देंगे।

इस सुविधा का लाभ लेने के लिए आधार भुगतान एप ‘भीम’ में आधार संख्या प्रविष्ट करने के बाद जिस बैंक में आधार से जुड़ा खाता है का चुनाव करना होंगा। इस प्रक्रिया में फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल पासवर्ड की तरह किया जाएगा।जिस ग्राहकों के स्मार्ट फ़ोन में फिंगरप्रिंट सेंसर की सुविधा होंगी,उनके लिए अलग से बॉयोमेट्रिक रीडर की जरुरत नहीं होंगी। कारोबारी अगर इस एप का फायदा लेना चाहते हो तो उन्हें ‘आधार कैशलेस भुगतान मर्चेंट एप’ अपने स्मार्ट फ़ोन में ‘इंस्टॉल’ करके उसे बॉयोमेट्रिक रीडर से जोड़ना होंगा। वैसे,स्मार्ट फ़ोन में फिंगरप्रिंट सेंसर की सुविधा होने पर मोबाइल की मदद से ही डिजिटल भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा सकेंगी। मोदी सरकार नोटबंदी के बाद डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है। डिजिटलीकरण सहज-सुलभ हो इसलिए आधार भुगतान एप ‘भीम’ का ईजाद किया गया है।

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