Published On : Mon, Oct 28th, 2019

मुख्यमंत्री पद के लिए शिवसेना नेता दिवाकर रावते के बाद फडणवीस भी पहुंचे राज्यपाल से मिलने

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नागपुर– दिवाली के अगले ही दिन महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए खींचतान शुरू हो गई है. सुबह से ही शिवसेना और बीजेपी ने नेताओं की गवर्नर हाउस की दौड़ शुरू हो गई. पहले शिवसेना के दिवाकर राउते गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी से मिलने पहुंते तो उनके तुरंत बाद ही सीएम देवेंद्र फडणवीस भी गवर्नर के दरबार में पहुंचे. दोनों ही दलों ने इस मुलाकात को दीपावली के मौके पर औपचारिक मुलाकात बताया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस दौरान दोनों ने ही अनौपचारिक तौर पर सरकार गठन को लेकर गवर्नर से बात की. बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में 2014 के मुकाबले बीजेपी को कम सीटें मिलने के बाद से ही शिवसेना अब सीएम पद पर ढाई-ढाई साल की बात कर रही है.

हालांकि बीजेपी का कहना है कि वह 105 सीटें लाने के बाद भी शिवसेना से सीएम पद साझा नहीं कर सकती. एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा, ‘मुलाकात का अभी कोई अजेंडा तय नहीं है, लेकिन जाहिर तौर पर सरकार गठन को लेकर चर्चा होगी. मुख्यमंत्री राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति से गवर्नर को अवगत कराएंगे और अगली सरकार के गठन को लेकर चर्चा करेंगे. शिवसेना की ओर से राउते भी गवर्नर को अपनी पार्टी के रुख और विधायक दल की बैठक में लिए गए फैसले से अवगत कराएंगे.’

बता दें कि शनिवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बीजेपी से 50:50 फॉर्म्युले को लेकर लिखित आश्वासन मांगा था. इस फॉर्म्युले में दोनों पार्टियों के बीच मुख्यमंत्री पद का भी ढाई-ढाई साल के लिए बंटवारा शामिल है. दरअसल चुनाव परिणामों से पहले माना जा रहा था कि बीजेपी अपने दम पर ही बहुमत के लिए जरूरी 145 सीटें ले आएगी और उसे शिवसेना के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. हालांकि चुनाव के बाद जो स्थिति बनी उससे अब साफ है कि बीजेपी अपने दम पर सरकार नहीं बना सकती और उसे शिवसेना, एनसीपी या कांग्रेस का सहारा चाहिए होगा.

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माना जा रहा है कि अगर फडणवीस को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना जाता है, तो वह बीजेपी की ओर से सरकार गठन को लेकर दावा पेश कर सकते हैं. भले ही शिवसेना उन्हें समर्थन कर रही हो या नहीं. दूसरी तरफ शिवसेना ने कहा है कि वह मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई समझौता नहीं करेगी और उनकी पार्टी का उम्मीदवार (मुख्यमंत्री पद के लिए) अगली सरकार के पहले ढाई साल मुख्यमंत्री रहेगा.

बीजेपी नेतृत्व के एक करीबी सूत्र ने बताया, ‘नतीजों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर आई है, ऐसे में गवर्नर के पास फडणवीस को बुलाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं होगा.’ उन्होंने बताया कि 2014 में भी बीजेपी के पास स्पष्ट बहुमत नहीं था, उस वक्त राज्यपाल विद्यासागर राव ने फडणवीस को एनसीपी के सपोर्ट से सरकार गठन का न्योता दिया था. उन्होंने कहा, ‘फडणवीस को बहुमत साबित करने के लिए एक महीने का समय दिया गया. नियम के मुताबिक, फडणवीस मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे और उन्हें बहुमत साबित करने के लिए एक हफ्ते या 15 दिन का समय दिया जाएगा. बीजेपी नेतृत्व शिवसेना को मुख्यमंत्री पद नहीं देने वाला.’

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