Published On : Mon, Sep 28th, 2020

दिव्यांगो ने समस्याओं के निराकरण के लिए दिया ज्ञापन

सौंसर -दिव्यांगो के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार द्वारा अनेक योजनाओं का संचालन किया जा रहा हैं। इसके बावजूद दिव्यांगो की मूलभूत और जरूरतमंद समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है जिसके कारण क्षेत्र के दिव्यांग अपने आप को असहाय महसूस कर रहे हैं। क्षेत्र के कई ऐसे दिव्यांग है जो 100 प्रतिशत दिव्यांग की श्रेणी में आने और दिव्यांग प्रमाण पत्र होने के बावजूद भी शासन की कई योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कोरोना महामारी के कारण दिव्यांगो को जीवन यापन करने में कठनाई का सामना करना पड़ रहा हैं ।

चेतना दिव्यांग संघठन ने दिव्यांगो के साथ जनपद पंचायत सीईओ एपी ढापरे को समस्याओ के निराकरण करने की मांग को लेकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर ग्रामीण आदिवासी समाज विकास संस्थान के प्रमुख श्यामराव धवले ,समन्यवक किरण रंगारे ,आशीष पाल ,दिव्यांग संघठन के अध्यक्ष पंकज बोढे , दुर्गा ढोक ,संजय देवतले ,अमर वाडोदे और दिव्यांगजन उपस्थित थे। ज्ञापन में कहा गया कि विगत जनवरी एवं फरवरी मे सौंसर मे आयोजित मेडिकल बोर्ड कैम्प मे बनाये गए सभी दिव्यांगता प्रमाणपत्र वाले दिव्यांगो को दिव्यांगता पेंशन एवं विशेष दिव्यांगो की विशेष सहायता अनुदान योजना की स्विकृती अभी तक नही मिली है। इन दिव्यांगों को बस टिकीट रियायत प्रमाणपत्र अभी तक प्राप्त नही हुए हैं ।

यूआईडी कार्ड विकासखंड के सभी दिव्यांगो के नही बने है। दिव्यांगो को निरामया स्वास्थ्य बीमा से उपचार हेतु 1 लाख तक की प्रतिपूर्ती होती है,ये बिमा कार्ड प्रतिवर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च की अवधि के बनाए जाते हैं ,लेकिन 6 माह की अवधि बितने जाने पर भी निरामया कार्ड वितरीत नही किए गए। राज्य ग्रामीण आजिवीका मिशन के स्वयं सहायता समुह योजना मे दिव्यांग समुह को लाभन्वित नही किया जा रहा है।

इसमें दिव्यांगो को लाभान्वित किया जाए । जिन दिव्यांगों के पास दिव्यांगता प्रमाणपत्र हैं ,उन्हें विशेष सुविधा प्रदान कर 1 रू. किलो दर से प्रतिमाह 35 किलो राशन एवं प्रतिमाह 10 किलो राशन निःशुल्क दिया जाए। मनेरगा के अंतर्गत दिव्यांगो को रोजगार दिया जाए ,प्रधानमंत्री आवास का कोटा दिव्यांगो के लिए आरक्षित रखा जाए। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। जिले के प्रत्येक विकासखण्ड मे दिव्यांगों के लिए दिव्यांग सामुदायिक संसाधन भवन निर्माण किया जाए । आवश्यक सहायक उपकरण नियमित व समय पर विकासखंड स्तर पर प्रदान किए जाए । इन समस्याओं का निराकरण करने की मांग दिव्यांगजनों ने किया।