Published On : Fri, Jan 25th, 2019

मेडिट्रीना अस्पताल: मॉइल, रेलवे और वेकोलि ने भी की शिकायत

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नागपुर. मेडिट्रीना अस्पताल महात्मा फुले स्वास्थ्य योजना के अलावा विभिन्न शासकीय और अर्ध शासकीय विभागों के पैनल में था. बताया जाता है कि पैनल में होने के बावजूद यहां आने वाले मरीजों से पैसे लिए जा रहे थे. साथ ही सरकार से भी योजना के तहत उपचार करवाने वालों से पैसे लिए जा रहे थे. जानकारी मिली है कि विभिन्न विभागों ने भी मेडिट्रीना अस्पताल के खिलाफ शिकायत दी है.

पुलिस ने बुधवार को अस्पताल में छापा मारकर प्रकरण से जुड़े दस्तावेज जब्त किए थे. जांच में मॉइल, वेकोलि और मध्य रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा शिकायत किए जाने का पता चला है. इससे अस्पताल के संचालक डाक्टर समीर पालतेवार की परेशानी और बढ़ने वाली है. पुलिस के अनुसार मामला दर्ज होने के बाद अब अस्पताल में उपचार लेने वाले मरीज शिकायत लेकर आ रहे हैं. उनकी शिकायतों की भी जांच की जा रही है. पुलिस अस्पताल के बिलिंग और अकाउंट विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों से पूछताछ करने वाली है.

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ज्ञात हो कि मेडिट्रीना अस्पताल में पालतेवार के पार्टनर गणेश चक्करवार ने ही उनके फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया. अस्पताल में भागीदारी और रकम के लेन-देन में अनबन होने के बाद चक्करवार ने जानकारी उपलब्ध करनी शुरू की. तब उन्हें पता चला कि पालतेवार योजनाओं के तहत मरीजों का उपचार करते थे, लेकिन उनसे अतिरिक्त शुल्क वसूला जाता था. साथ ही सरकार से भी रकम ली जाती थी. इसी वजह से अस्पताल को विभिन्न पैनल से बाहर कर दिया गया. अस्पताल में चल रही गड़बड़ी की शिकायत आयकर विभाग को भी मिली थी. सितंबर 2018 में आयकर विभाग ने अस्पताल में छापा मारकर बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त किए थे. पुलिस ने आयकर विभाग से दस्तावेजों की मांग की है. कुछ दस्तावेज पुलिस को मिल गए हैं.

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