Published On : Fri, Aug 18th, 2017

मेडीकल और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में जमा रहता है सिर्फ चार दिन का ऑक्सिजन सिलेंडर स्टॉक

नागपुर – उत्तरप्रदेश के गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल अस्पताल में ऑक्सिजन सिलेंडर नहीं होने कारण करीब 63 बच्चों की मौत की भीषण त्रासदी को बीते अभी कुछ ही दिन गुजरे हैं. इस घटना को लेकर देशभर में नाराजी के स्वर मुखर हो उठे हैं. लेकिन इस दुर्घटना से नागपुर का मेडिकल और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल सबक लेता नजर नहीं आ रहा है. ऑक्सिजन सिलेंडर की स्थिति संतोषजनक तो नहीं लेकिन काम चलाऊ जरूर है. ऐसी स्थिति इमरजेंसी काल में उपलब्ध स्टॉक चिंता मुक्त होने की इजाज़त भी नहीं देता.

यहां पर करीब चार दिनों तक का ऑक्सिजन सिलेंडर है. मेडीकल के 49 विभिन्न वार्डों में कुल 1300 मरीजों पर रोजाना उपचार होते हैं. मेडिकल अस्पताल में रोजाना 170 से 180 ऑक्सिजन सिलेंडर की जरूरत होती है. जरूरत के अनुसार ही एक कंपनी द्वारा इन ऑक्सिजन सिलेंडर की खरीदी की जाती है. इस कंपनी द्वारा मेडिकल में और सुपर स्पेशलिटी में सिलिंडर की पूर्ति की जाती है. गोरखपुर जैसी घटना यहां पर न हो इसके लिए जब यहां सिलेंडर की व्यवस्था जानने की कोशिश की गई तो यहां सब कुछ ठीक ठाक है ऐसा नहीं कह सकते. लेकिन ऑक्सिजन सिलेंडर के आकड़े के बताते हैं कि गोरखपुर जैसी दुर्घटना भले ही यहां ना घटे लेकिन व्यवस्था प्रतिदिन आपूर्ति की होने के कारण अनहोनी घटना की स्थिति से इंकार नहीं किया जा सकता.

इस बारे में मेडीकल अस्पताल के डीन डॉ. अभिमन्यु निसवाड़े ने कहा कि चार दिनों का ऑक्सिजन सिलेंडर हॉस्पिटल में हमेशा ही मौजूद रहता है. रोजाना मेडीकल और सुपर स्पेशलिटी में 270 के करीब ऑक्सीजन सिलेंडर आते हैं. रोज सिलेंडर की खेप आती है. सालभर में करीब ढाई करोड़ रुपए के ऑक्सिजन सिलिंडर की खरीदी मेडीकल अस्पताल द्वारा की जाती है.