Published On : Sun, Dec 10th, 2017

केंद्र और राज्य में सत्ता होने के बाद भी हिन्दुत्ववाद और पूंजीपतियों को बढ़ावा मिल रहा है : मायावती

नागपुर- नागपुर के कस्तूरचंद पार्क में रविवार को बहुजन समाज पार्टी की सभा और कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया था. जहांपर बसपा प्रमुख मायावती ने सत्तापक्ष भाजपा पर जमकर निशाना साधा. इस सभा में बड़ी तादाद में कार्यकर्ता महाराष्ट्र ,तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से पंहुचे थे. इस दौरान मायावती ने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने के बाद से हिंदुतत्ववाद और पूंजीवादियों को बढ़ावा देने के लिए गरीबो और अल्पसंख्यकको कमजोर किया जा रहा है.रोहित वेमुला, गुजरात का ऊना कांड और सहारनपुर में भाजपा द्वारा ही यह सब किया गया था. इन उत्पीडन पर जब उन्होंने अपनी बात सदन में रखनी चाही तो भाजपा ने ऐसा नही होने दिया. जिसके बाद उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया. मायावती ने इस दौरान कहा कि इस्तीफा देने के बाद से ही उन्होंंने निर्णय लिया था कि पूरे देश मे भाजपा की गलत नीतियों को लेकर लोगो को जागरूक करेगी.

उन्होंने कहा कि विरोधी पार्टियों ने हमेशा से ही ओबीसी के लोगो को बसपा से दूर रखने का प्रयत्न किया है. मंडल कमीशन लागू करने के लिए बसपा ने पूरे देश मे संघर्ष किया था. उस दौरान जब वीपी सिंग की सरकार थी तो उनसे बसपा ने मांग की थी कि बाबासाहेब को भारतरत्न दिया जाए. साथ ही इसके मंडल कमीशन लागू करने की मांग की थी.उन्होंने उस दौरान दोनों मांगे मानी थी. लेकिन उन दौरान भाजपा को यह अच्छा नही लगा और उन्होंने सरकार से समर्थन वापस ले लिया और सरकार गिरा दी थी. उन्होंने कहा कि भाजपा वोट बैंक के लिए नाटक करती है. आज पूरे देश मे दलितों,आदिवासियों और ओबीसी के लोगो पर अत्याचार हो रहे है.भाजपा की गलत नीतिगो के कारण मुसलमान और अल्पसंख्यकों की परिस्थिति खराब हो गयी है. महाराष्ट्र और विदर्भ में बड़े पैमाने पर किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं. उत्तरप्रदेश में सत्ता में आने के लिए भाजपा ने खोकले आश्वासन दिए थे. लेकिन बसपा की सरकार जब यूपी में थी तो वहाँपर रोजगार भी उपलब्ध कराये गए थे . बसपा प्रमुख ने कहा कि आरएसएस के एजेंडे के खिलाफ लोगों में जागरूकता लानी होगी. 2014 की चुनाव की बात करते हुए मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की जनता से काफी खोकले दावे किए थे. जिनमे विदेशो से काला धन लाना,सबके बैंक खाते में पैसे डालना,किसानों की आय दुगुनी करना, लेकिन किए गए सभी दावों में लोगो को निराशा ही मिली है.

भाजपा भारत को विपक्षमुक्त भारत बनाना चाहती है.सीबीआई और इनकम टैक्स विभाग का गलत इस्तेमाल कर अपने विरोधियों को भाजपा निशाना बना रही है.मीडिया को भी प्रभावहीन बनाया जा रहा है. सरकार अपनी मनमानी कर रही है.1975 में लगी इमरजेंसी से भी आगे यह सरकार बढ़ गयी है. देश मे महंगाई और बेरोजगारी बढ़ गयी है. उन्होंने कहा कि भाजपा को प्रभावहीन बनाया जा सकता है. लेकिन उसके लिए उनके षड्यंत्र को लोगो के सामने लाने की जरूरत है.

ईवीएम का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि ईवीएम के बजाए ब्लैट पेपर से चुनाव करने में भाजपा घबराती है. ईवीएम में बेईमानी की गई है.लेकिन भाजपा ने इसपर चुप्पी साध रखी है.

इस सभा मे हजारो की तादाद में जनसैलाब उमड़ा था. इस दौरान मंच पर बसपा के राज्यसभा सांसद वीरसिंह, प्रदेशाध्यक्ष विलास गरुड़, महाराष्ट्र महासचिव जितेंद्र महेसकर, महाराष्ट्र उपाध्यक्ष कृषणा बेले, आंध्र प्रदेश के प्रभारी उपासक, तेलंगाना के प्रभारी सुरेश साखरे मौजूद थे.