Published On : Fri, Oct 20th, 2017

विभिन्न मांगों को लेकर धनतेरस से एसटी ठप्प


नागपुर: राज्य की रक्तवाहिनी एसटी बसों को कहा जाता है. ऐन दीपावली त्यौहार के मौके पर धनतेरस के दिन से महाराष्ट्र एसटी कामगार संगठन ने अपनी प्रलंबित मांगों को पूर्ण करवाने के उद्देश्य से बेमियादी हड़ताल कर दिया. इसके पीछे का उद्देश्य बताते हुए एक आंदोलनकारी ने जानकारी दी कि दीपावली जैसे त्यौहार के समय हड़ताल करने से सरकार जल्द दबाव में आएगी, तो दूसरी ओर रोजाना लाखों की संख्या में आवाजाही करने वाली आम जनता हड़ताल से हलाकान हो गई.इस हड़ताल के खिलाफ एसटी महामंडल ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है. जिसकी आज सुनवाई है. न्यायालय के निर्णय के आधार हड़ताल का भविष्य तय होगा.

इस हड़ताल में महाराष्ट्र एसटी कामगार संगठन, महाराष्ट्र मोटर कामगार फेडरेशन, विदर्भ एसटी कामगार संगठन, महाराष्ट्र एसटी वर्कर्स कांग्रेस, कनिष्ठ वेतनश्रेणी कामगार संगठन और संघर्ष ग्रुप के सदस्यों का समावेश है.

उक्त हड़तालियों के प्रतिनिधियों से ३ बार राज्य परिवहन मंत्री ने चर्चा की. इनकी कुछ मांगें मानने को तैयार भी हुए,लेकिन हड़तालियों की जिद्द है कि उनकी सभी मांगे पूरी की जाएं तब वे हड़ताल समाप्त करेंगे. न्यायालय के निर्णय की राह तक रहे हड़ताली अपने आगे का भविष्य नहीं तय कर पा रहे है.


नागपुर विभाग में एसटी की ४ बस डिपो शहर और ४ ग्रामीण में है, इनमें इमामवाड़ा, घाट रोड, गणेशपेठ, वर्धमान नगर, रामटेक, सावनेर, काटोल, उमरेड डेपो का समावेश है. उक्त सभी डेपो से रोजाना लगभग ६०० बसें तय रूट पर आवाजाही करती हैं. ये बसें रोजाना लगभग डेढ़ लाख किलोमीटर का सफर करती हैं. रोजाना एक लाख के आस पास आम नागरिक सफर करते हैं. इन बसों से रोजाना एसटी प्रशासन लगभग ६० लाख रूपए कमाता है.

हड़तालियों की मांगें
– वरिष्ठता के अनुसार पद और सातवां वेतन आयोग के सिफारिश अनुसार वेतन
– १ जुलाई २०१६ से ७% महंगाई भत्ता
– कनिष्ठ वेतनश्रेणी रद्द करें,वर्ष २००० से कनिष्ठ कामगारों की विसंगतियां दूर करें
– सेवानिवृत्त कर्मी दम्पति को ५०० रूपए का पास वर्ष भर के लिए नियमित जारी की जाएं आदि-आदि.