Published On : Fri, Nov 23rd, 2018

राज्य में एसडीआरएफ फंड अकाउंट का पारदर्शिता के साथ संचालन – मुख्य सचिव दिनेश कुमार जैन

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केंद्र का नियम महाराष्ट्र में लागू,प्रस्तुत की जा रही गलत जानकारी

नागपुर – एनडीआरएफ और एसडीआरएफ फंड के लिए राज्य सरकार द्वारा अलग से बैंक अकाउंट न खोले जाने को लेकर सामने आयी खबर पर राज्य के मुख्य सचिव दिनेश कुमार जैन ने सरकार का पक्ष रखा है। नागपुर टुडे से की गई बातचीत में मुख्य सचिव ने कहाँ कि राज्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्थापन फंड का अकाउंट पारदर्शिता के साथ संचालित है। यह व्यवस्था बीते चालीस वर्षो से राज्य में लागू है।

केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2015 से 2020 के लिए जो दिशानिर्देश बनाये गए है उसी के अनुसार अकाउंट का संचालन और फंड का इस्तेमाल किया जा रहा है। काम में अधिक पारदर्शिता हो इसलिए अकाउंट केंद्रीय बैंक आरबीआई में खोला गया है। जैन का कहना है कि इस मामले को लेकर जो खबरें प्रसारित की जा रही है वह निराधार है। मामला अदालत में शुरू होने के बावजूद इससे जुडी बातें सार्वजनिक हो रही है इस विषय को सरकार अदालत के संज्ञान में लायेगी।

मुख्य सचिव दिनेश कुमार जैन

केंद्र सरकार ने जो दिशानिर्देश जारी किये है उसके अनुसार इस व्यवस्था के लिए अलग से बैंक अकाउंट खोले जाने का प्रावधान है। यह नियम उन राज्यों के लिए है जहाँ ऐसी व्यवस्था नहीं है। राज्य में सरकार से लेकर विभागीय आयुक्त,जिलाधिकारी,तहसीलदार का अलग-अलग अकाउंट है जो सम्बंधित अधिकारियों की निगरानी में संचालित हो रहे है। उन्होंने बताया की NDRF और SDRF अकाउंट को लेकर मुंबई उच्च न्यायालय में मामला शुरू है उसमे याचिकाकर्ता द्वारा तथ्य को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। अदालत में शुरू मामले की जानकारी सार्वजनिक हो रही है इसे लेकर सरकार अपनी ओर से भूमिका रखेगी।

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मुख्य सचिव के अनुसार NDRF और SDRF के बैंक अकाउंट में भारी राशि होती है। जिसका नियोजन ठीक ढंग से हो यह आवश्यक है इसलिए राज्य सरकार और प्रशासन पारदर्शिता बरतने में किसी तरह की कोताही नहीं बरतना चाहता। इस फंड में केंद्र के मुकाबले राज्य की हिस्सेदारी कई गुणा अधिक होती है। सरकार इस फंड का कही और इस्तेमाल भी नहीं करती। उन्होंने उदहारण देते हुए बताया कि बोंड इल्ली से फसलों को हुए नुकसान के लिए केंद्र से 11 सौ करोड़ रूपए मिले थे जबकि राज्य ने लगभग 4 हजार करोड़ रूपए इसी काम के लिए अकाउंट में जमा किये ।

आरबीआई में खुले अकाउंट में आपत्ति प्रबंधन व्यवस्थापन के फंड का समय-समय पर मुल्यांकल किया जाता है। मुख्य सचिव ने अंदेशा जताया कि अकाउंट में हमेशा भारी रकम होने की वजह से निजी बैंक चाहती है की यह खाता उनके यहाँ खुले इसलिए बेतुकी खबरें सार्वजनिक हो रही है।

… दिव्येश द्विवेदी

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