
पत्र में कहा गया है कि महाराष्ट्र पुलिस के जवान 24 घंटे “सदरक्षणाय खलनिग्रहणाय” के मंत्र का पालन करते हुए जनता की सेवा में लगे रहते हैं। ड्यूटी का कोई निश्चित समय न होने से उन्हें पाइल्स, बीपी, शुगर जैसी गंभीर बीमारियां और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है, जिसके चलते कई जवान आत्महत्या जैसा कठोर कदम तक उठा लेते हैं। कोरोना काल से लेकर आज तक अनेक पुलिसकर्मियों ने जनता की सेवा में अपना बलिदान दिया है।
एसोसिएशन ने बताया कि पुलिस को हर साल दिवाली पर 12,500 रुपये एडवांस दिया जाता है, जिसमें से हर महीने वेतन से 1,250 रुपये काट लिए जाते हैं। यह पुलिस के साथ सरासर अन्याय है।
अमित दुबे ने मांग की है कि जिस प्रकार केंद्र सरकार ने रेलवे कर्मचारियों को दिवाली बोनस देने का निर्णय लिया है, उसी प्रकार महाराष्ट्र पुलिस के जवानों को भी दिया जाने वाला एडवांस माफ कर उसे दिवाली बोनस के रूप में दिया जाए और वेतन से उसकी कटौती न की जाए, ताकि त्योहार पर पुलिस परिवारों को भी खुशी मिल सके।
इस पत्र की प्रतिलिपि पुलिस महासंचालक, महाराष्ट्र राज्य को भी भेजी गई है।



