
नागपुर: महाराष्ट्र में दूध, दुग्ध उत्पादों, मिठाइयों, खाद्य तेलों और व्रत में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए विशेष जांच अभियान चलाने की मांग की गई है। एडवोकेट अक्षय समर्थ ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से नियमित व औचक निरीक्षण करने तथा खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है। इस मांग में नागपुर शहर पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया गया है।
एडवोकेट अक्षय समर्थ ने इस संबंध में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे और महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को आवेदन सौंपकर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
दूध और मिठाइयों की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
समर्थ ने कहा कि दूध, दही, पनीर, खोया, मावा, घी, मक्खन, श्रीखंड और मिठाइयां आम नागरिकों के दैनिक खानपान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन खाद्य पदार्थों में मिलावट, दूषित सामग्री या हानिकारक रंगों का इस्तेमाल लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसका असर विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
उन्होंने मांग की कि डेयरियों, दूध विक्रेताओं, मिठाई की दुकानों, होटलों, रेस्टोरेंट, बेकरी और स्ट्रीट फूड केंद्रों में इस्तेमाल होने वाले दूध, मावा, खोया, घी, खाद्य तेलों, रंगों तथा अन्य कच्ची सामग्री की नियमित जांच की जाए।
समर्थ के अनुसार, केवल दुकानों का बाहरी निरीक्षण करना पर्याप्त नहीं है। खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में उनकी वैज्ञानिक जांच कराना भी जरूरी है, ताकि गुणवत्ता और शुद्धता की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
नवरात्रि में व्रत के खाद्य पदार्थों की जांच की मांग
नवरात्रि और अन्य धार्मिक अवसरों के दौरान व्रत में खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में राजगिरा आटा, सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा, समा के चावल, साबूदाना और इनसे तैयार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता व शुद्धता की विशेष जांच करने की मांग की गई है।
इसके अलावा होटलों, रेस्टोरेंट और सड़क किनारे लगने वाले खाद्य स्टॉलों में इस्तेमाल होने वाले खाद्य तेलों की गुणवत्ता तथा उनके सुरक्षित उपयोग की भी नियमित जांच करने पर जोर दिया गया है।
मिलावट मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग
समर्थ ने महाराष्ट्र भर में, विशेषकर नागपुर में, डेयरियों, दूध विक्रेताओं, मिठाई की दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में नियमित एवं औचक निरीक्षण अभियान चलाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग, निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट, बैच नंबर, सामग्री संबंधी जानकारी, भंडारण व्यवस्था और साफ-सफाई के नियमों के पालन की भी जांच होनी चाहिए।
यदि जांच में मिलावट, दूषित सामग्री, घटिया गुणवत्ता या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित विक्रेताओं, निर्माताओं और प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने जैसे कदम भी उठाए जाने चाहिए।
उपभोक्ताओं को जागरूक करने पर जोर
समर्थ ने खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान, पैकेट पर दी गई जानकारी पढ़ने और निर्माण व एक्सपायरी डेट जांचने के बारे में नागरिकों को जागरूक करने के लिए विशेष जनजागृति



