
नागपुर – महाराष्ट्र में सूखे की मार झेल रहे किसान परिवारों के विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार द्वारा सूखाग्रस्त घोषित चार जिलों की 35 तहसीलों के पात्र महाविद्यालयीन विद्यार्थियों की परीक्षा फीस माफ करने का निर्णय लिया गया है। नागपुर विद्यापीठ ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस फैसले से आर्थिक संकट के बीच उच्च शिक्षा हासिल कर रहे विद्यार्थियों और उनके परिवारों को काफी मदद मिलेगी।
खास बात यह है कि जिन विद्यार्थियों ने पहले ही परीक्षा फीस जमा कर दी है, उन्हें भी फीस की राशि वापस की जाएगी। वहीं, जिन विद्यार्थियों की परीक्षा आवेदन प्रक्रिया जारी है या अभी शुरू नहीं हुई है, उनके आवेदन बिना शुल्क स्वीकार किए जाएंगे। इससे सूखे के कारण आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे किसान परिवारों पर शिक्षा का आर्थिक बोझ कम होगा।
राज्यस्तरीय बैठक के बाद लिया गया निर्णय
यह निर्णय 14 अक्टूबर को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित राज्य के सभी विद्यापीठों के कुलगुरुओं की ऑनलाइन बैठक में हुई चर्चा के बाद लिया गया। इसके बाद नागपुर विद्यापीठ के परीक्षा एवं मूल्यांकन मंडल के संचालक डॉ. अनुप पलसोकर ने इस संबंध में परिपत्र जारी किया।
परिपत्र के अनुसार, नियमित और पूर्व विद्यार्थियों सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क में राहत दी जाएगी। संबंधित महाविद्यालयों को विद्यार्थियों की पात्रता की जांच कर उनके परीक्षा आवेदन स्वीकार करने के निर्देश दिए गए हैं।
फीस वापसी के लिए 15 दिन में देना होगा विवरण
जिन विद्यार्थियों ने परीक्षा फीस पहले ही जमा कर दी है, उनकी राशि वापस करने के लिए संबंधित महाविद्यालयों को निर्धारित विवरणपत्र में सही जानकारी भरकर विद्यापीठ में जमा करनी होगी। इसके लिए 15 दिन की समयसीमा तय की गई है।
महाविद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे पात्र विद्यार्थियों का विवरण निर्धारित प्रारूप में तैयार करें और तय समय के भीतर विद्यापीठ को उपलब्ध कराएं, ताकि फीस वापसी की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
ऑनलाइन प्रणाली में मिलेगी शून्य शुल्क चालान की सुविधा
जिन परीक्षाओं के आवेदन भरने की प्रक्रिया जारी है या अभी शुरू नहीं हुई है, उनके लिए विद्यापीठ की ऑनलाइन प्रणाली में शून्य शुल्क यानी जीरो फीस चालान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे पात्र विद्यार्थियों को परीक्षा आवेदन भरते समय फीस जमा नहीं करनी पड़ेगी।
हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने से पहले महाविद्यालयों को विद्यार्थियों की पात्रता की पुष्टि करनी होगी। इसके बाद ही उनके परीक्षा आवेदन विद्यापीठ को भेजे जा सकेंगे।
नागपुर, वर्धा, गोंदिया और भंडारा के विद्यार्थियों को लाभ
सूखाग्रस्त घोषित तहसीलों में नागपुर जिले की सभी 14, वर्धा जिले की सभी 8 और गोंदिया जिले की सभी 8 तहसीलें शामिल हैं। वहीं, भंडारा जिले की कुल 7 तहसीलों में से 5 तहसीलों को सूखाग्रस्त सूची में शामिल किया गया है।
इस तरह चारों जिलों की कुल 35 तहसीलों के पात्र महाविद्यालयीन विद्यार्थियों को परीक्षा फीस माफी का लाभ मिलेगा।
आर्थिक संकट के बीच शिक्षा जारी रखने में मिलेगी मदद
सूखे के कारण खेती और परिवार की आय पर असर पड़ने से किसान परिवारों के सामने बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाना चुनौती बन जाता है। ऐसे में परीक्षा फीस माफ करने और पहले जमा की गई राशि वापस करने का निर्णय विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण राहत साबित हो सकता है। इससे पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद अपनी पढ़ाई और परीक्षाएं जारी रखने में मदद मिलेगी।



