Published On : Tue, Mar 21st, 2017

मुंबई: दूसरे दिन भी सामूहिक अवकाश पर सरकारी अस्पताल के डॉक्टर, मरीज़ों का बुरा हाल


मुंबई :
अपने सहयोगियों पर हमले की घटनाओं के विरोध में महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों के 4000 से ज्यादा रेजिडेंट डॉक्टर आज दुसरे दिन भी काम पर नहीं आए। डॉक्टरों द्वारा उठाये गए इस कदम की वजह से सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हुयी है और लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों के बाहर मरीज़ इलाज के लिए इंतज़ार कर रहे है।

इस बीच महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री गिरीश महाजन ने बताया की राज्य के सरकारी अस्पतालों में हो रहे हमलों को रोकने के लिए 1100 सुरक्षाकर्मियों की भर्ती की जाएगी। तो वही शिवसेना के सांसद श्रीकांत शिंदे ने इस मुद्दे को लोकसभा में उठाया है।

बता दें कि, मामला बंबई उच्च न्यायालय के समक्ष भी पहुंचा जहां एक मानवाधिकार कार्यकर्ता ने याचिका दायर कर डॉक्टरों को तुरंत रिपोर्ट करने का निर्देश देने की मांग की । महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर के एक अधिकारी ने कहा कि अधिकतर अस्पतालों में कुछ वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों ने मरीजों की जांच की। डॉक्टरों की मांग है की उनपर हो रहे हमलो को रोका जाये और उन्हें सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि हालांकि डॉक्टरों के विरोध के कारण आपात सेवा प्रभावित नहीं हुयी।

धुले और मुंबई में सायन अस्पताल की दो हालिया घटनाओं के विरोध में डॉक्टर काम पर नहीं आए । दोनों ही जगहों पर मरीज़ों के परिजनों ने डॉक्टर पर हमला किया था।