Published On : Fri, Aug 13th, 2021
nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

महाराष्ट्र में एंट्री के लिए दोनों डोज जरूरी, RTPCR रिपोर्ट नहीं तो 14 दिन रहना होगा क्वारंटीन

महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना के बीच बाहर से आ रहे यात्रियों पर बड़ा फैसला लिया है. अब राज्य में अगर कोई भी यात्री एंट्री लेगा तो उन्हें कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवाना जरूरी रहेगा. उन्हें बतौर सबूत वैक्सीन सर्टिफिकेट भी साथ रखना होगा. वहीं अगर वैक्सीन नहीं लगी होगी तो निगेटिव आरटी पीसीआर रिपोर्ट दिखाना जरूरी रहेगा. अगर इन नियमों का पालन नहीं हुआ तो बाहर से आ रहे यात्रियों को महाराष्ट्र में 14 दिन के लिए क्वारंटीन होना पड़ेगा.

महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला

Advertisement

आदेश में कहा गया है कि यात्रियों को महाराष्ट्र में एंट्री से पहले वैक्सीन सर्टिफिकेट दिखाना जरूरी रहेगा. दोनों वैक्सीन लगना तो जरूरी है ही, इसके अलावा दूसरी वैक्सीन को लगे भी 14 दिन होना अनिवार्य रहेगा. अब अगर कोई यात्री इन मापदंडों पर खरा नहीं उतरता है तो उन्हें कोरोना की निगेटिव आरटी पीसीआर रिपोर्ट दिखानी होगी. वो रिपोर्ट भी 72 घंटे पुरानी होनी चाहिए.

Advertisement

यात्रियों को दोनों डोज लगवाना जरूरी

राज्य सरकार की तरफ से स्पष्ट कर दिया गया है कि अगर किसी ने वैक्सीन भी नहीं लगवाई है और उनके पास निगेटिव रिपोर्ट भी नहीं है तो उन्हें 14 दिन के क्वारंटीन से गुजरना पड़ेगा. सरकार की तरफ से ये सख्ती इसलिए दिखाई जा रही है क्योंकि महाराष्ट्र में कोरोना की तीसरी लहर के आने की आशंका जताई जा रही है. उद्धव सरकार की तरफ से हर कदम समय से पहले उठाया जा रहा है जिससे दूसरी लहर जैसी तबाही ना हो.

डेल्टा प्लस का कहर

वैसे राज्य में डेल्टा प्लस का कहर तो दिखने भी लगा है. महाराष्ट्र सरकार ने पुष्टि कर दी है कि राज्य में डेल्ट प्लस वेरिएंट की वजह से 5 लोगों की मौत हो चुकी है. अभी तक डेल्टा प्लस वेरिएंट को लेकर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है. वैक्सीन का भी इस वेरिएंट पर कितना असर रहता है, इस पर भी रिसर्च जारी है. ऐसे में असमंजस का दौर है और तमाम सावधानी बरतना जरूरी हो जाता है.

चिंता की बात तो ये भी है कि जिन दो लोगों की डेल्टा प्लस से मौत हुई है उन्हें वैक्सीन की दोनों डोज मिल चुकी थीं. ऐसे में कोरोना के खिलाफ उनका सुरक्षा कवच तैयार था, लेकिन फिर भी इस वायरस ने उनकी जान ले ली. जानकारी के लिए बता दें कि महाराष्ट्र में जिन पांच लोगों की डेल्टा प्लस की वजह से मौत हुई है, उन सभी की उम्र 65 साल से ज्यादा थी. अभी तक राज्य में डेल्टा प्लस के कुल 66 मामले सामने आ चुके हैं.

Advertisement

Advertisement

Advertisement
Advertisement
 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement