Published On : Sat, May 6th, 2017

चार साल बाद भी नहीं बन पाया माफसु का अंतर्राष्ट्रीय हॉस्टल


नागपुर :
माफसु (महाराष्ट्र पशु और मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय) द्वारा अम्बाझरी मार्ग पर वेटरीनरी अस्पताल परिसर में अंतर्राष्ट्रीय हॉस्टल तैयार किया जा रहा है। इस हॉस्टल में वेटरीनरी क्षेत्र के विदेशी शोधार्थी और अध्ययनकर्ता विद्यार्थियों को रखने की योजना तैयार की गई थी। ऐसे विदेशी छात्रों के लिए यह हॉस्टल साकारा जा रहा है। लेकिन चार साल बीत गए इस हॉस्टल का निर्माणकार्य खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। यह जानकारी हम नहीं बल्कि खुद विश्वविद्यालय के आलाधिकारियों ने दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2012 में सरकार ने अंतरराष्ट्रीय हॉस्टल बनाने के लिए करीब एक करोड़ रुपए की निधि मंजूर की थी। इसकी इमारत भले ही बनकर तैयार हो। लेकिन कुछ कार्य अधूरे रह जाने के कारण अब तक इसमें किसी भी विदेशी छात्रों को नहीं रखा गया है। अर्थात आज भी नागपुर में वेटरीनरी श्रेत्र में नागपुर पहुंचनेवाले विदेशी विद्यार्थियों को ठहरने के िलए अपना इंतेजान खुद करना पड़ता है। पिछले चार वर्षों से इसके निर्माण का कार्य धीमी गति से चल रहा है। जानकारों की माने तो इस तरह की इमारत को साकारने में छह माह से अधिक का समय नहीं लगता। लेकिन चार साल लगने के बाद भी यह काम नहीं हो पाना अपने आप में आश्चर्य का विषय है।

हॉस्टल किसके लिए?
यह हॉस्टल विदेशी विद्यार्थियों के लिए बनाया गया था, जो इंटर्नशिप के दौरान नागपुर आते हैं। उन विद्यार्थियों को इसका लाभ होगा। इस हॉस्टल में रहनेवाले विद्यार्थियों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। प्रत्येक विद्यार्थी को अलग अलग कमरे दिए जाएंगे।

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विद्यार्थियों को हॉस्टल के कमरे के कितने पैसे देने होंगे
विद्यार्थियों को यहां पहुंचनेपर यह कमरे उपलब्ध करवाए जाएंगे. इसके लिए विद्यार्थियों को बहुत कम पैसे देने होंगे. जो उनके बजट में रहेंगे. कितने पैसे लिए जाए इसके लिए आनेवाले दिनों में माफसु समिति की ओर से निर्णय लिया जाएगा.

कितने विदेशी विद्यार्थी नागपुर माफसु पहुंचे शिक्षा के लिए

नागपुर माफसु में विदेश से इंटर्नशिप करने के लिए बहुत कम विद्यार्थी पहुंचते हैं। नागपुर माफसु में ऑस्ट्रेलिया से ही अब तक कुछ विद्यार्थी आए थे। लेकिन ऑस्ट्रेलिया के अलावा दूसरे देशों के विद्यार्थी ने नागपुर आकर वेटरीनरी की पढ़ाई करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। इस अंतर्राष्ट्रीय हॉस्टल के बनने से विदेशी विद्यार्थीयों को रुकने के लिए दूसरे जगहों पर बड़ी रमक खर्च करने पर मजबूर होना पड़ता है। बनाए जा रहे इस हॉस्टल में 8 कमरे बनाए जाने की जानकारी दी गई है। जिनमेें 15 विद्यार्थियों के ठहरने की क्षमता है। यहां पर केवल एनआरआई विद्यार्थी ही रह सकते हैं। साथ ही इसके हर कमरे में एसी लगाई गई है।

हॉस्टल के बारे में क्या कहता है महाराष्ट्र पशु और मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय प्रशासन

हॉस्टल के अब तक शुरू नहीं होने की बात पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. ए. एस. बन्नालिकर ने जानकारी देते हुए बताया कि हॉस्टल का कार्य चार वर्ष पहले शुरू हुआ था। अभी काम लगभग पूरा हो चुका है। कार्य पूरा होने के बाद इसका उद्घाटन भी किया जाएगा। उन्होंने यह बताया कि एक करोड़ की लागत से हॉस्टल बनाया गया था। लेकिन जब उनसे निर्माण कार्य की समयसीमा पूछी गई तो वे इसकी जानकारी देने से बचते नजर आए।

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