Published On : Mon, Sep 17th, 2018

लंबे वक्त बाद गर्म राजनीतिक मुद्दा हाँथ लगने के बाद भी कांग्रेस में शांति

Congress and Red Ford

नागपुर: नागपुर की महापौर नंदा जिचकार द्वारा विदेश दौरे पर अपने बेटे को ले जाने के मामले ने शहर की राजनीति को गर्म कर दिया है। नागपुर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और हैवीवेट केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी का गृह नगर है। ऐसे में बीजेपी की महापौर के इस कृत्य ने पार्टी को कटघरे में खड़ा कर दिया है। महापौर ने बेटे को अमेरिका के सेनफ्रांसिस्को शहर में आयोजित मेयर परिषद में ले जाकर सही किया या गलत किया। इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। खानापूर्ति के लिए ही सही उनकी पार्टी ने वापस लौटने पर महापौर से जवाब तलब करने का बयान दिया है। वैसे महापौर के ऐसा करने को लेकर कानून और संविधान की समझ रखने वाले लोगों को भी बाँट दिया है। राजनीति में सुचिता और ईमानदारी की बात करने वाली बीजेपी की महापौर से अगर गलती हुई है तो इसकी क्या सज़ा उन्हें मिलेगी ये भविष्य में तय होगा। लेकिन इतना गर्म राजनीतिक मुद्दा हाँथ में होने के बावजूद मनपा में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने उतना आक्रामक रुख नहीं अपनाया जैसा आम तौर पर होना चाहिए। युवक कांग्रेस द्वारा छुटपुट प्रदर्शन हुआ,मनपा में पार्टी नेताओं ने इस्तीफ़े की माँग करते हुए महज खानापूर्ति की।

दरअसल पार्टी की तरह मनपा में भी कांग्रेस की आतंरिक गुटबाजी मौजूद है। पार्टी के भीतर की आपसी लड़ाई कोर्ट की दहलीज तक पहुँच गई। शीर्ष नेतृत्व भले ही गठबंधन विस्तार पर समय-समय पर नसीहत देता रहा हो लेकिन एक दल में नेताओं के मन की कटुता ख़त्म होने का नाम नहीं। नगरसेवक अपने अपने गुटों में बंटे दिखते है उनके अपने मुद्दे होते है जिस पर विरोध प्रदर्शन किया जाता है। एक गुट के प्रदर्शन में दूसरा गुट शामिल नहीं होता। पार्टी के भीतर के आतंरिक संघर्ष का नतीजा ही है की लंबे वक्त बाद भी इतना गर्म मुद्दा हाँथ लगने के बाद कांग्रेस उसे भुना नहीं पाई। शहर की राजनीति को देखने समझने वाले पत्रकार भी ये मानते है की आपसी टकराव पार्टी को कमजोर कर रहा है और मनपा की राजनीति में कांग्रेस की ताकत को भी प्रभावित कर रहा है।