Published On : Sun, Oct 12th, 2014

सावनेर में मुकाबला है दीये और तूफान का

मुख्य टक्कर कांग्रेस-राकांपा में, बसपा और मनसे भी डटे

kishor-chaudhary-600x351सावनेर (नागपुर).

नागपुर जिले के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र माने जा रहे सावनेर में मुकाबला अब कांग्रेस और राकांपा के बीच सिमटकर रह गया है. निरंतर बढ़ते जनसमर्थन और व्यक्तिगत जनसंपर्क के चलते राकांपा के उम्मीदवार किशोर चौधरी ने मुकाबले को अब लगभग एकतरफा बना दिया है.

सावनेर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार सोनबा मुसले का पर्चा रद्द होने के बाद कांग्रेस को यह सीट सबसे आसान लगने लगी थी, क्योंकि यहां उसकी टक्कर का कोई उम्मीदवार ही नहीं बचा था. लेकिन लोगों के बढ़ते विश्वास ने किशोर चौधरी को कांग्रेस के मुकाबले ला खड़ा किया है. एक तरफ दम-खम की लड़ाई है तो दूसरी ओर विश्वास, भरोसे और जनसमर्थन की. वैसे इस क्षेत्र से किशोर चौधरी के अलावा मनसे के प्रमोद ढोले और बसपा के सुरेश डोंगरे भी मैदान में हैं, मगर मुकाबला कांग्रेस बनाम राकांपा हो गया है. मुकाबला कांटे का हो गया है.

यह अकारण नहीं है कि किशोर चौधरी की रैलियों और सभाओं में हर दिन के बीतने के साथ ही भीड़ बढ़ती जा रही है. लोग उनके साथ आ रहे हैं, उनके साथ घूम रहे हैं और उन्हें सुन भी रहे हैं. वे जहां भी जाते हैं उनका स्वागत किया जाता है. पुष्पगुच्छ दिया जाता है. यही उनके प्रति बढ़ते जनसमर्थन का परिचायक भी है. इसी के चलते दो दिन पहले ही खापा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चौधरी के कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया था. लेकिन सुबह होते ही सूरज उनके लिए नया उत्साह ले आया और वे लोग फिर अपने काम से जुट गए.

सोमवार को प्रचार का अंतिम दिन होगा और तब तक चौधरी अपने क्षेत्र में लगभग हर व्यक्ति से व्यक्तिगत तौर पर मिल चुके होंगे. चौधरी जानते हैं कि उनका मुकाबला इस क्षेत्र के मठाधीश से है. इसलिए जनता को ही उन्होंने अपनी ताकत बनाया है. जनता का विश्वास जीता है और उन्हें विश्वास भी दिलाया है कि अगर वे जीत गए तो ईमानदारी से इस क्षेत्र के विकास के लिए जी-जान लगा देंगे.