Published On : Wed, Jun 3rd, 2015

कन्हान : ट्रक चोरी करने वाला गिरोह पुलिस के शिकंजे में


6 लाख 22 हज़ार रूपये का माल जब्त

Truck engine Truck theft gang2
कन्हान (नागपुर)। कन्हान परिसर में कोयला खान होने से बड़े पैमाने पर ट्रक व्यवसाय चलता है. जिसके चलते चोरी के प्रमाण काफी बढ गए है. पारशिवनी पुलिस ने निंबा गांव के सुनसान स्थान पर ट्रक चोरी करके फरार हुए आरोपियों को धरदबोचा है.इनमे से पांच आरोपियों को कन्हान पुलिस ने हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है. आरोपी संतोषी गुप्ता को गिरफ्तार कर नागपुर से 3 इंजिन, 1 गिअर बाक्स ऐसा कुल मिलाकर 6 लाख 22 हज़ार रूपये का माल जब्त किया है.कामठी खुली खदान, इंदर खुली खदान और गोंड़ेगाव ये तीनो खाने कन्हान शहर से लगे होने से यहां ट्रक का उपयोग बड़े पैमाने पर होता है. इसी वजह से यहां ट्रक चोरी की वारदात बढ रही है. कन्हान पुलिस स्टेशन में तीन ट्रक चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार पारशिवनी पुलिस ने निंबा गांव की निर्जन जगह से ट्रक चोरी करनेवाले आरोपियों को मौके पर धरदबोचा.जिनमें जितू किशोरसिंग जचपेसे (ठाकुर) (38), मुस्ताक शेख सत्तार शेख (39), संजय सुरजसिंग कुरावत (22), राजू सुरजसिंग कुरावत(25), रोशन भोजराज प्रधान (32) शामिल है.आरोपियों को 42 लाख 40 हज़ार रूपए के माल के साथ गिरफ्तार किया गया.जिसमे से एक आरोपी घटनास्थल से फरार हो गया था.

कन्हान पुलिस ने 26 मई को इन पांचो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और 27 मई को संतोषी बनवारीलाल गुप्ता को गिरफ्तार कर झिंगबाई टाकली से 3 ट्रक इंजिन, 1 गिअर बाक्स, 5 गैस सिलेंडर इस तरह 6 लाख 22 हज़ार रुपये का माल जब्त किया.फरार हुए आरोपी कन्हान निवासी शिवचरण राजभर और नागपुर निवासी पियुष पुरुषोत्तम त्रिवेदी को पुलिस तलाश रही है. ट्रक की चोरी करने वाले बड़े गिरोह के रूप में सामने आने के कई सबूत पुलिस के हाथ लगे है. यह कार्रवाई थानेदार मौला सय्यद सत्तर के मार्गदर्शन में की गई.

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पवन भाम्बुरकर, नागदेव शेंडे, राजेंद्र सनोईया, मयूर बन्सोड, बंटी गेडाम, किरण महाजन मामले की जांच कर रहे है. ट्रक चोरी करके गैस कटर से उसके टुकड़े करके बेचने वाले गिरोह ने सिर्र्फ चोरी ही नहीं की बल्कि ट्रक मालिकों के परिवार, ट्रकक्लीनर  इस तरह तीन परिवारो के मुहं का निवाला छीन लिया.

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पुरे परिसर से ये मांग की गई है कि इन आरोपियों को उमर कैद की सजा मिलनी चाहिए. पूरा जीवन कोयला खदान या कही और काम करके भी निवृत्ति के बाद उनके बच्चो को नौकरी
नहीं मिलती.इसलिए स्वयं की कमाई और कुछ पैसा बैंक से फायनांस करके वे ट्रक व्यवसाय से परिवार का पालन-पोषण करते है. इस परिस्थिति में ट्रक चोरी हो जाने से ट्रक मालको का परिवार व ट्रक चालक और क्लीनर के परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.