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    Published On : Wed, Dec 12th, 2018

    संगीत रजनी में सदाबहार गीतों की लहरों में झूमी महफिल

    नागपुर: कल्याणजी- आनंदजी की जोड़ी ने बाॅलीवुड को संगीत की मधुरिमा से इस तरह सराबोर किया कि ये तराने हर भारतीय के दिल में अपनी अमर छाप छोड़ चुके हैं. हिन्दी सिनेमा में पाॅप, रीमिक्स, फ्यूजन जैसे ढेरों प्रयोग हुए लेकिन कल्याणजी-आनंदजी के सदाबहार नगमों का स्थान कभी कम नहीं हुआ. लेकिन लोगों के दिलों में जगह बनाने की कहानी कितने उतार-चढ़ाव और पहलुओं से होकर गुजरी है उसे खुद पद्मश्री आनंदजी भाई ने अपनी जुबान से रसिकों के बीच बड़े ही रोचक अंदाज में बयां की.

    आनंदजीभाई के ‘लाइव टाॅक’ के साथ उनके सदाबहार नगमों का यह भव्य कार्यक्रम हारमाॅनी इवेन्ट्स प्रस्तुत ‘कल्याणजी – आनंदजी संगीत रजनी’ कविवर्य सुरेश भट आॅडिटोरियम, रेशमबाग में आयोजित किया गया. कलाकारों ने कल्याणजी-आनंदजी द्वारा संगीतबद्ध गीतों को किशोर, रफी, लताजी की हू-ब-हू आवाज में गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. कार्यक्रम का आरंभ उपस्थित सभी अतिथियों व आनंजी के हाथों दीप प्रज्वलन से किया गया। पश्चात आनंजी भाई ने ‘ बड़ी दूर से आएं हैं.., प्यार का तोहफा लाएं हैं..’ गाकर सभी उपस्थित श्रोताओं का मन मोह लिया।

    प्रसिद्ध निवेदक श्वेता शेलगांवकर के संचालन में ‘वाॅइस आॅफ रफी’ दिल्ली के ज्योतिरामन अय्यर ने ‘अकेले हैं चले आओ..,’‘ मेरे मितवा..मेरे मीत रे.. आजा तुझको…’, परदेसियों से न अखियां मिलाना..’,‘ वादा कर ले साजना…’, ‘यूं ही तुम मुझसे बात करते हो…’, ‘चले थे साथ मिलके..’, सारेगामापा फेम आकांक्षा नगरकर देशमुख ने ‘छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए’,‘दिल तो है दिल…’, ‘छोटी सी उमर में लग गया रोग..’, ‘वाॅइस आॅफ किशोर’, गोवा के चिराग त्रिपाठी ने ‘ओ साथी रे..तेरे बिना भी क्या जीना..’, ‘पल पल दिल के पास…’,‘ हम बोलेगा तो बोलेगे कि बोलता है..’,‘ खइके पान बनारस वाला..’, ‘वाॅइस आॅफ मुकेश’ नांदेड़ के राम शेट्टी ने ‘मेरी तमन्नाओं की तस्वीर तुम संवार दो..’,‘ जो तुमको हो पसंद..’, ‘जिस गली में तेरा घर न हो…’, ‘किसी राह पे किसी मोड़ पर..’,‘ क्या खूब लगती हो…’, ‘चांद सी महबूबा हो मेरी..’, सुचेता पद्मवार ने ‘और इस दिल में क्या रखा है..’,‘ ओ मेरे राजा..वादा तो निभाया’, अनुष्का काले ने ‘हर किसी को नहीं मिलता..’, आप जैसा कोई मेरी…’,‘ लैला ओ लैला…’, राजेश दुरुगकर ने ‘कसमें, वादे, प्यार, वफा सब..’,‘ यारी है ईमान मेरा…’, चिराग व अनुष्का ने मिलकर ‘सलाम-ए- इश्क मेरी जान..’ संजय पोटदुखे ने‘ मोरे घर आए सजनवा..’, जैसे गीतों को गाकर समां बांध दिया.

    अंत में पद्मश्री आनंदजी भाई ने ‘जिंदगी का सफर…’ सभी कलाकारों के साथ गाकर सभी को भाव विभोर कर दिया। इस बीच उन्होंने इन गीतों के निर्माण के दौरान की कहानी को साझा किया। संकल्पना राजेश समर्थ की थी. गीतों के साथ की-बोर्ड पर महेंद्र ढोले, वायोलीन पर अमर शेंडे, गिटार पर ऋग्वेद पांडे, तबले पर अशोक तोकलवार, ताल वाद्य पर उज्वला गोकर्ण, ढोलक पर अनिकेत दहेकर, आॅक्टोपैड पर नंदू गोहणे, तुंबा कांगो पर राजेश धामणकर, ड्रम पर अशोक ठवरे ने संगत दी। लाइट पर माइकल, वीडियो पर मनोज पिटड़ी व स्टेज पर राजेश अमीन ने सहयोग किया।


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