Published On : Mon, Aug 28th, 2017

देश के 45वें मुख्य न्यायाधीश बने जस्टिस दीपक मिश्रा, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ

जस्टिस दीपक मिश्रा भारत के 45वें मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं। राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। जस्टिस मिश्रा करीब 14 महीने तक इस पद पर रहेंगे, क्योंकि अक्टूबर 2018 में उनका कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। बता दें कि देश के 44वें चीफ जस्टिस जेएस खेहर 27 अगस्त को रिटायर हो गए हैं।

1996 में ओडिशा हाईकोर्ट में बने थे जज
जस्टिस दीपक मिश्रा ने साल 1977 में ओडिशा हाईकोर्ट से अपनी वकालत शुरू की थी और साल 1996 में ओडिशा हाईकोर्ट में जज बने थे। 1977 से 1996 तक वो उड़ीसा हाईकोर्ट के कामयाब वकीलों में से एक थे। वो साल 1997 में एमपी हाईकोर्ट के जज बने थे। खबरों के मुताबिक जस्टिस दीपक मिश्रा भारत के मुख्य न्यायाधीश बनने वाले ओडिशा की तीसरे जज हैं। जस्टिस मिश्रा सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रंगनाथ मिश्रा के भतीजे हैं।

Gold Rate
May 14- 2026 - Time 10.30Hrs
Gold 24 KT ₹ 1,63,000 /-
Gold 22 KT ₹ 1,51,600 /-
Silver/Kg ₹ 2,92,400/-
Platinum ₹ 88,000/-
Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

2 अक्टूबर, 2018 तक रहेगा जस्टिस मिश्रा का कार्यकाल
आपको बता दें कि जस्टिस दीपक मिश्रा पटना हाईकोर्ट के भी मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। 24 मई 2010 को वो दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने थे और 10 अक्टूबर 2011 को सुप्रीम कोर्ट में जज के तौर पर प्रमोट हुए थे। सीजेआई के तौर पर दीपक मिश्रा का कार्यकाल 28 अगस्त, 2017 से 2 अक्टूबर, 2018 तक रहेगा।

याकूब मेनन केस में आधी रात को सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जजों में से एक जस्टिस दीपक मिश्रा ने कई ऐतिहासिक फैसले सुनाए हैं। जिनमें याकूब मेनन को लेकर आधी रात में हुई सुनवाई और निर्भया केस के दोषियों को सजा सुनाने का फैसला शामिल है। इसके अलावा जस्टिस मिश्रा ने देशभर के सिनेमाघरों में राष्ट्रीय गान का आदेश भी दिया था।

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Advertisement
Advertisement