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    Published On : Sat, May 15th, 2021

    जलज शर्मा विरोध में जोशी का अनशन की चेतावनी से सकपकाया प्रशासन

    – स्वीकारी अपनी गलती,करेंगे शीघ्र कार्रवाई का दिया आश्वासन

    नागपुर – VIMS अस्पताल के संचालक डॉक्टर राजेश सिंघानिया का एक वीडियो क्लिप इन दिनों सम्पूर्ण महाराष्ट्र में धूम मचा रहा हैं.जिसमें मरीज के बेटे से 5 लाख का बिल दबाव बनाते हुए ‘सब अस्पताल में BLACK चल रहा’ ऐसा कहा जा रहा.डॉक्टर के उक्त वक्तव्य से सर्वत्र चिकित्सा क्षेत्र सकते में आ गई.

    याद रहे कि नागपुर महानगरपालिका को राज्य सरकार ने कोरोना महामारी के लिए नोडल एजेंसी बनाते हुए इस सन्दर्भ में सर्वाधिकार मनपायुक्त राधाकृष्णन बी को दिया।इन्होने निजी अस्पतालों पर नज़र रखने की जिम्मेदारी मनपा के अतिरिक्त आयुक्त जलज शर्मा को दी.इनके पास उक्त मरीज का पुत्र जयेश साखरकर ने डॉक्टर सिंघानिया के विरोध में 4 मई 2021 और पूर्व महापौर संदीप जोशी ने 6 मई 2021 को लिखित शिकायत दी लेकिन जलज शर्मा ने VIMS संचालक के खिलाफ कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की.इससे क्षुब्ध भ्रष्टाचारी जलज शर्मा के खिलाफ उनके कक्ष के बाहर पूर्व महापौर संदीप जोशी अनशन पर बैठने की चेतावनी देते ही मनपा प्रशासन सकपका गया और जोशी को रोकने के लिए शीघ्र दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन देने से जोशी का अनशन टल गया.

    याद रहे कि जलज शर्मा ने VIMS को नोटिस भेजने में एक सप्ताह का समय लगाया था।इस नोटिस द्वारा VIMS से जलज शर्मा ने पूछा की,क्या आपने उक्त बयानबाजी की,जबकि साखरकर और जोशी ने सम्पूर्ण वक्तव्य लिखित स्वरुप में जलज शर्मा को थमाए थे.जलज शर्मा ने नोटिस भेजने के बाद कुछ नहीं किया।साखरकर और जोशी की शिकायत बाद डॉक्टर सिंघानिया के खिलाफ मामला दर्ज करवाना चाहिए था लेकिन जलज शर्मा चुप्पी साध डॉक्टर सिंघानिया के पक्ष में खड़े दिखे।ऐसे अनगिनत मामले जलज शर्मा के समक्ष आ रहे लेकिन वे हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं.

    अस्पतालों के हरकतों से त्रस्तों ने अस्पताल प्रबंधनों से जलज शर्मा और उनके ऑडिटर का आतंरिक समझौता से मरीज सह उनके परिजनों को भारी पड़ रहा.मरीजों और उनके परिजनों से खुलेआम लूट जारी हैं.इस क्रम में डेढ़-2 दर्जन अस्पतालों का समावेश हैं.इनके सन्दर्भ में जलज शर्मा को सबूत भी दिए गए लेकिन वे सिरे से नज़रअंदाज कर रहे.

    कोरोना के लिए अधिकृत किये गए अस्पतालों में सरकारी कोटे का दुरूपयोग कर अस्पताल खुद के लिए आरक्षित कोटे में इलाज दर्शाकर मरीजों और उनके परिजनों को लाखों का चुना लगा रही.ऐसे मामलों के भी सबुत जलज शर्मा के पास दिए गए.जलज शर्मा ने अस्पतालों को देरी से तो होटलों को सीसीसी के लिए अविलंब अनुमति देने वाले मामलों में पहले ही विवादों में रहे.

    जलज शर्मा की नित से क्षुब्ध होकर उनके कक्ष के बाहर पूर्व महापौर संदीप जोशी जनहित में अनशन पर बैठने वाले हैं.इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो गुरुवार 20 मई 2021 से आमरण अनशन करने की चेतावनी दी थी.जोशी ने यह भी साफ़-साफ़ कह दिया कि उनके अनशन पर बैठने से होने वाली सभी प्रकार के नुकसान की जिम्मेदारी जलज शर्मा की होंगी।इस चेतावनी से मनपा प्रशासन सकते में आ गया,आनन-फानन में जोशी से संपर्क कर अपनी गलती स्वीकारी,देरी का कारण बतलाया और जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।इसके बाद जोशी ने अपना अनशन टाल दिया।

    उल्लेखनीय यह हैं कि कोरोना काल को मनपा स्वास्थ्य विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इसे बखूबी भुना रहे,मनपा के द्वारा नियुक्त ऑडिटर अस्पताल और जिम्मेदार अधिकारी के मध्य मध्यस्थ की भूमिका में नज़र आ रहे,अस्पतालों और नए सीसीसी को अनुमति आदि देने के लिए मनपायुक्त के विवादास्पद सहायक जलज शर्मा को सहयोग कर रहे,इस सहायक का शुरू से ही काम दलाली का रहा और अधिकारी सह ठेकेदारों का गला दबाकर आयुक्त सह खुद के लिए व्यक्तिगत स्वार्थ पूर्व में पूर्ति करता रहा.इस सहायक को मुंढे ने सर पर बिठा कर खूब नाचा।

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