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    Published On : Fri, Jan 4th, 2019

    हिंदुत्व विचार संकुचित नहीं हो सकता,जिस दिन ऐसा हुआ हिदुत्व ही नहीं रहेगा – मुख्यमंत्री

    नागपुर – जागतिक मराठी सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साहित्यकारों के बीच हिंदुत्व के विचार को उनके नजरिये से समझाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदुत्व की मानसिकता संकुचित नहीं हो सकती है जिस दिन ऐसा हुआ तब हिंदुत्व ही नहीं रह जायेगा। संघ की शाखा में मै उम्र के सात वर्ष से जा रहा हूँ। संघ के सामने नतमस्तक हुआ। इसी के कारण मुझे संस्कार मिले और समाज के साथ कैसे जिया जाये इसकी सीख भी मिली। इसका फायदा जीवन में मिला। चर्च और मस्जिद में जाने के बाद वहाँ भी मुझे मेरे देवता दिखाई दिए। भारतीय जीवन पद्धति को जहाँ नाकारा जाता है वह हिंदुत्व को जगाना ही पड़ता है। जहाँ किसी अन्य के जीवन जीने के तौर तरीके को नाकारा नहीं जाता जहाँ सहिष्णुता की जीवन पद्धति को स्वीकार किया जाता है यही हिंदुत्व है।

    राजनीति में काम करने का अवसर मिला। विरोधी दल में रहते हुए संकल्पना रख सकते है लेकिन जब सत्ता में होते है तब उसे पूरा करने का अवसर मिलता है। 2014 में चुनाव में मैंने विजन डॉक्युमेंट तैयार किया। काम कैसे करना है यह भी तय किया था आज हमने जो बातें विपक्ष में रहते हुए कहीं थी उसे पूरा किया है। बीते चार वर्षो में प्रशासन पर पकड़ मजबूत हुई है। दिक्कत सहन करने की क्षमता में भी बढ़ोतरी हुई है। सरकारी नौकरी में 50 फीसदी आरक्षण दिया जाता है। सरकारी क्षेत्र की तुलना में निजी क्षेत्र में अधिक अवसर है। अगले 5 10 वर्षो में आरक्षण का महत्त्व कम होगा। आरक्षण से नौकरी में ज्यादा फायदा नहीं होता इससे सिर्फ मन का समाधान होता है। फिर भी सामाजिक आरक्षण से हटकर आर्थिक आरक्षण की तरफ बढ़ने का वक्त फ़िलहाल नहीं है। समाज में जिस वक्त संतोषजनक बदलाव होता है तब बेहतर समाज का निर्माण होता है। देश में बेघरों की संख्या बहुत है इसमें अनुसूचित जाति-जनजाति समाज के लोग भी शामिल है। समाज में संकुचित मानसिकता का बढ़ना चिंता की बात है।

    2050 तक देश को एक नहीं कई मराठी प्रधानमंत्री मिलेंगे

    अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने कहाँ कि मराठी व्यक्ति कब मुख्यमंत्री बनेगा इसकी चर्चा होती है लेकिन 2050 तक देश को एक नहीं कई मराठी प्रधानमंत्री मिलेंगे। मराठी झंडा अटकलों के पार लगाने की परंपरा रही है इसलिए देश के सर्वोच्च पद पर एक नहीं कई व्यक्ति पहुँचेगे।

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