Published On : Mon, Oct 5th, 2020

इस्कॉन के वर्ल्ड होलीनेम फेस्टिवल का उत्साह के साथ समापन

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नागपुर – अतंर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) के हरिनाम संकीर्तन मिनिस्ट्री के मिनिस्टर श्रील लोकनाथ स्वामी महाराज के सानिध्य में पूरे विश्व के इस्कॉन मंदिरों द्वारा वर्ल्ड होलिनेम फेस्टिवल बड़े धूम धाम से मनाया गया। पूरे सप्ताह भर चले इस कार्यक्रम में प्रति दिन सुबह 8 बजे से 9.30 बजे तक वरिष्ठ संतों द्वारा श्रीमद्भागवत पर प्रवचन हुये। सायंकाल 5 बजे से रात्रि 9 बजे तक जपा रिट्रीट, कीर्तन मेला, एवं हरिनाम की महिमा पर अनेक कार्यक्रम हुये। कार्यक्रम का संचालन लन्दन निवासी एच. जी. जगन्नाथ किर्तानानंददास ने किया।

इस्कॉन हरिनाम संकीर्तन मिनिस्ट्री के प्रवक्ता डॉ. श्यामसुंदर शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के अंतिम दिन जपाथोन (विश्व जपमहायज्ञ) हुआ। इसमे विश्व के सभी इस्कॉन मन्दिरों के भक्तों ने 24 घंटे हरे कृष्ण महामंत्र का जप किया। इसके अलावा पूरे विश्व के कई भागों से जो लोग इस्कॉन से जुड़े हुये नही है ऐसे एक लाख इक्कतीस हजार इकतीस लोगों ने अनूठे तरीके से इस जप महायज्ञ में आहुति दी। इन लोगो ने अपना नाम, शहर का नाम, राज्य का नाम एवं अपने देश का नाम बोलते हुये “मैं यह हरे कृष्ण महामंत्र प्रेम एवं विश्व शांति के लिये समर्पित कर रहा/रही हूं।

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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे।।” यह बोल कर अपना एक वीडियो तैयार किया तथा इस्कॉन के 700 से भी ज्यादा एम्बेस्डरों के मार्फत फॉर्चुनेट-पीपल डॉट कॉम नामक वेबसाइट पर अपलोड किया। ऊपर दी हुई संख्या तो कार्यक्रम के अंतिम दिन की है। उसके बाद भी वीडियो प्राप्त होना जारी है। भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता में कहा है सभी प्रकार के यज्ञों में जप यज्ञ मैं हूँ। इसलिए सभी लोग इस यज्ञ में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं।

इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा “ग्लोबल कीर्तन कनेक्ट” यह कार्यक्रम इस्कॉन ऑकलैंड (न्यूजीलैंड) के भक्तों द्वारा वहां के दोपहर 12 बजे कीर्तन के साथ प्रारंभ किया। उस समय उसी टाइम ज़ोन के दूसरे देशों के भक्तों द्वारा भी कीर्तन प्रारम्भ किया गया। यह कार्यक्रम दोपहर एक बजे तक चला।उसके बाद ब्रिस्बेन (ऑस्ट्रेलिया), टोकियो (जापान), पेनांग(मलेशिया), बैंकॉक (थाईलैंड), काठमांडू (नेपाल), मायापुर, वृन्दावन (भारत), दुबई(यू.ए.ई.), मॉस्को (रसिया), रिजेका (क्रोएशिया), लंदन (यू.के.), घाना (वेस्ट अफ्रीका), वैंकुवर (कनाडा), साओ पुलो (ब्राज़ील), अलाचुआ (यू.एस.), वाशिंगटन, डलास,डेनवर, सिलिकॉन वैली, न्यूयॉर्क, ह्यूस्टन, होनोलुलु एवं अंत मे जब अमेरिकन माइनर आइलैंड में दोपहर के 12 बजे तब कार्यक्रम का अंतिम पड़ाव शुरू हुआ तथा दोपहर एक बजे ग्लोबल कनेक्ट कार्यक्रम का समापन हुआ। प्रत्येक देश मे इस्कॉन के सुप्रसिद्ध कीर्तनकारों ने अगुआई की। इस 24 घंटे तक चले कार्यक्रम की खास बात यह थी कि पूरे कार्यक्रम दौरान सूर्यास्त नही हुआ।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये इस्कॉन के सभी मंदिरों के अध्यक्ष, इस्कॉन संकीर्तन मिनिस्ट्री के सचिव एकलव्य दास, श्री चैतन्य महाप्रभु दास, परंपरा वाणी दास, दिनानुकम्पा देवी दासी, कृष्ण भक्त दास, पद्ममालि दास, माधवी गौरी देवि दासी, स्वरूपानंद दास, गोविंद चरण दास आदि अनेक भक्तों ने अथक प्रयास किया।

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