Published On : Tue, Jun 12th, 2018

बीजेपी मंत्रियों नेताओं का जनता से ये कैसा व्यवहार?

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नागपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार सत्ता केवल और केवल जनसेवा का माध्यम है.देश के प्रधान सेवक मोदीजी गरीब,शोषित,पीड़ित,किसान,बेरोजगार सभी की भावनाओं जरूरतों और तकलीफों की कद्र प्रधानमंत्री करते आये है ऐसा उनके अक्सर दिए जाने वाले बयानों से दिखाई भी पड़ता है। पर न जाने क्यों अपनी पार्टी के वर्त्तमान दौर के सबसे बड़े नेता की बात महाराष्ट्र के मंत्री और नेता मानाने को तैयार ही नहीं दिखते।

आज राज्य भर में सत्तधारी दल बीजेपी के तीन नेताओं का जनता से ऐसा व्यवहार सामने आया जो सीधे-सीधे सत्ता के अहंकार को प्रदर्शित करता है।

पहला मामला जलगॉव का है। जिले के रावेर में तुफान ने किसानों की केले के बागों को भारी नुकसान पहुँचाया। जिसके चलते किसान बुरे तरीके से बर्बाद हो गए। रावेर तहसील में सरकार की ओर से प्रतिनिधिक तौर पर राज्य के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन पहुँचे। मंत्रीजी खेत में दौरा कर ही रहे थे की एक बुजुर्ग किसान ने उसने सवाल पूछा की जिले की समस्या का जायजा लेने पालकमंत्री क्यों नहीं आये।

किसान के इस सवाल पर मंत्रीजी बिफ़र गए दोनों के बीच शाब्दिक बहस हुई। महाजन ने किसान को वहाँ से जाने को कहाँ किसान ने बात नहीं सुनी तो उसे हल्के से धक्का तक मार दिया।

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दूसरा मामला मलकापुर (बुलढाणा) विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक चैनसुख संचेती का है। संचेती को सोमवार को ही विदर्भ विकास महामंडल के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक गाँव में एक सर्वसामान्य व्यक्ति ने गांव की लम्बे समय से प्रलंबित सड़क के बारे में सवाल किया तो विधायक महोदय गुस्सा हो गए और बहस करने लगे।

तीसरा मामला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और कद्दावर केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी के गृह जिले नागपुर में सामने आया। यहाँ जिले के अध्यक्ष राजीव पोतदार का एक ऑडिओ क्लिप सार्वजनिक हुआ। जिसमे अध्यक्ष फ़ोन पर अश्लील भाषा के प्रयोग के ही साथ धमिकी देते हुए सुनाई पड़ रहे है।

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