Published On : Mon, Mar 30th, 2020

कोरोना वायरस : जरूरतमंदों को खाना खिलायेगा IRCTC

नागपुर: कोरोना वायरस से फैली महामारी ने मजदूर वर्ग पर मुसीबतों का पहाड़ तोड़ दिया है. लाकडाउन के कारण हर तरफ काम बंद होने से इन्हें रोजी-रोटी की आफत आ गई है. एक वक्त का भोजन भी नसीब नहीं हो रहा. ऐसे में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन लिमिटेड ने इस ओर कदम बढ़ाया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, आईआरसीटीसी ने विभिन्न रेल जोन के अंतर्गत रेल मंडलों में चल रहे अपने किचन में भोजन सामग्री तैयार कर उन शहरों में जरूरतमंदों में वितरित करने की तैयारी शुरू की है. इसके लिए आईआरसीटीसी द्वारा स्थानीय प्रशासन की मदद ली जायेगी.

मिली जानकारी के अनुसार, आईआरसीटीसी द्वारा विभिन्न रेल मंडलों के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधकों से पत्राचार कर इस बारे में सुझाव मांगे गए हैं. मध्य रेल नागपुर मंडल के नागपुर स्टेशन पर संचालित कमसम रेस्टारेंट के माध्यम से भोजन तैयार किया जायेगा. वहीं दक्षिण पूर्व मध्य रेल जोन के तहत नागपुर मंडल में गोंदिया स्टेशन का नाम शामिल है. इसके अलावा जोन से बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर मंडलों में जारी किचन में भी भोजन तैयार किया जायेगा. वहीं महाराष्ट्र में दक्षिण मध्य रेलवे जोन के नांदेड़ स्टेशन के फूड प्लाजा से भी भोजन वितरित करने को लेकर चर्चा जारी है.

RPF-GRP की ली जायेगी मदद
पत्र में कहा गया है कि इस कार्य के लिए रेलवे सुरक्षा बल और लोहमार्ग पुलिस द्वारा भी सहायता मांगी गई है. साथ ही उक्त कार्य के लिए राज्य सरकार या स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर उचित अनुमति लेने को भी कहा गया है. बताया गया है कि आईआरसीटीसी की इन किचन यूनिट्स में 15 दिनों का स्टाक रखा जायेगा. साथ ही स्थानीय बाजारों से सामान आदि लाने के लिए वाहनों को उचित अनुमति दिलाई जाये. साथ ही आईआरसीटीसी के स्टाफ को काम पर आने और जाने के लिए स्थानीय प्रशासन के माध्यम से निजी वाहनों के लिए अनुमति भी दिलाई जाये.

फिलहाल चर्चा जारी : एसीएम राव
मध्य रेल नागपुर मंडल के सहायक वाणिज्य प्रबंधक एसजी राव ने कहा कि फिलहाल वरिष्ठ स्तर पर इस बारे में चर्चा जारी है. आदेश मिलते ही मंडल प्रशासन की ओर से आईआरसीटीसी स्टाफ को सभी जरूरी चीजें उपलब्ध कराई जायेगी. उन्होंने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि हालांकि वर्तमान में मंडल के 34 कमर्शियल इंस्पेक्टर मिलकर स्टेशन परिसर के बाहर मौजूद जरूरतमंदों के लिए भोजन उपलब्ध करा रहे हैं. इसके लिए हर दिन जितना भी खर्च आता है, सभी आपस में मिलकर शेयर कर लेते हैं. यह क्रम आगे भी जारी रहेगा.