Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
    | | Contact: 8407908145 |
    Published On : Sat, Jan 24th, 2015
    Vidarbha Today | By Nagpur Today Vidarbha Today

    अकोला : फरार आतंकियों की तलाश


    नागरिक सहयोग करे – एटीएस

    अकोला। सन 2013 के अक्टूबर माह में मध्यप्रदेश के खंडवा कारागृह से छह दहशतवादी फरार हो गए थे. इसके पश्चात ये लोक अपना हुलिया बदलकर देश भर में घूम रहे हैं. इन दहशतवादीयों से सतर्क रहते हुए उनसे जुडी सूचना महाराष्ट्र एटीएस अथवा अकोला एटीएस को देने की अपील एन्टी टेररिस्ट स्क्वॉड द्वारा की गई है.

    सन 2011 में पुणे सहित देश के कई शहरों में हुए बम धमाकों में इन फरार छहों के शामिल होने की जानकारी सामने आई थी. जिन्हें दबोचकर खंडवा के कारागृह में रखा गया था. तथापि अक्टूबर 2013 में ये छहों दहशतवादीयों में मेहबूब उर्फ़ गुड्डू उर्फ़ मलिक उर्फ़ रमेश उर्फ़ समीर उर्फ़ आफताब उर्फ़ किसन इस्माईल खान (32), अमजद खान (26), असलम मोहम्मद उर्फ़ असलम खान उर्फ़ साहब उर्फ़ बिलाल उर्फ़ संतोष अय्युब खान(28), मोहम्मद एजाजुद्दीन उर्फ़ एजाज उर्फ़ राजा उर्फ़ रियाज उर्फ़ राहुल उर्फ़ जॉन उर्फ़ अरविंद मोहम्मद अजीजुद्दीन (32), जाकिर हुसैन उर्फ़ सादिक उर्फ़ सिद्धीक उर्फ़ विकी डॉन उर्फ़ विनयकुमार बदरूल हुसैन (27) और मोहम्मद सलीक अब्दुल हकीम (32) का समावेश है. खंडवा से फरार होने के बाद इन दहशतगदों ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पहुंचकर एक वारदात को अंजाम देना चाहा. तथापि वारदात से पहले एक मकान में हुए धमाके में महबूब उर्फ़ गुड्डू झुलस गया था.

    एनआईए और एटीएस द्वारा छहों दहशतवादियों को विविध प्रकार तथा पद्धति से तलाश किया जा रहा है. तथापि अभी तक उन्हें दबोचा नहीं गया है. एटीएस ने इन दहशतवादियों की तस्वीर वाले पोस्टर जारी किए हैं जिनके जरिए नागरिक उनकी शिनाख्त करते हुए उनसे जुडी जानकारी दे सकते हैं. जानकारी देनेवालों के नाम और टेलीफोन तथा मोबाइल नंबर पुरी तरह गुप्त रखे जाएंगे.

    लूटमार, डकैती से जुटाते हैं रकम
    एटीएस द्वारा बताया जाता है कि, किसी भी संगीत वारदात को अंजाम देने के लिए इन दहशतवादियों को रूपयों की जरूरत पडती है जिसके लिए वह लूटमार और डकैती को अंजाम देते हैं.

    लगातार बदलते हैं नाम और ठिकाने
    एटीएस द्वारा यह भी बताया गया है कि, ये दहशतवादी लगातार अपने ठिकानों के अलावा अपने नाम भी बदल लेते हैं जिसके लिए वो किसी भी नाम से परहेज नहीं करते. यही नहीं, किसी ठिकाने पर रहते हुए ये लोक कभी एक साथ एक छत के नीचे नहीं रहते. छहों दहशतवादी 3-3 सदस्यों का दल बनाकर एक ही शहर में अलग-अलग रहते हैं. दो दलों में कोई एक प्रमुख होता है जो आपसी समन्वय बनाए रहता है .

    Representational Pic

    Representational Pic


    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145