Published On : Fri, Jun 22nd, 2018

इंटक ; राजेंद्र व ददई गुट में एकीकरण एक छलावा

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नागपुर: राष्ट्रीय कोलियरी मजदुर संघ के राष्ट्रीय महासचिव रामेश्वर सिंह फौजी ने एक पत्रपरिषद के माध्यम से इंटक के राजेंद्र सिंह और ददई दुबे गुट एक दूसरे के खिलाफ काफी लम्बे अर्से से इंटक पर कब्ज़ा सह एकाधिकार की लड़ाई लड़ रहे थे.अब दोनों गुट की एकीकरण सिर्फ और सिर्फ मजदूरों के साथ छलावा की संज्ञा दी.इससे मजदूरों में भ्रम पैदा होंगा।

फौजी के अनुसार इंटक में स्वामित्व को लेकर पटियाला हाउस कोर्ट,दिल्ली में वर्ष २०११ से के. के. तिवारी गुट और संजीवा रेड्डी गुट में विवाद चल रहा हैं.१३ मार्च २०१८ को न्यायालय द्वारा इंटक विवाद पर एक फैसला आया.जिसमें न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि डा. संजीवा रेड्डी का इंटक,जिसका गठन वर्ष २००६ में फर्जी से करके ६ फरवरी २००७ में यूनियन के रूप में पंजीयन करवाया गया था,इनका पंजीयन क्रमांक ५०९८ हैं.इस यूनियन को सिर्फ दिल्ली में ही चला सकते हैं.

इसके खिलाफ के. के. तिवारी द्वारा पुनर्विचार याचिका दायर कर न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी.जिसे न्यायालय ने ९ मई २०१८ को स्वीकार कर लिया तथा अपने फैसले में संशोधन की तिथि एवं इंटक के स्वामित्व पर अपना फैसला २० जुलाई २०१८ को सुनाएंगी।

फौजी के अनुसार संजीवा रेड्डी को आभास हो गया हैं कि के. के. तिवारी गुट को इंटक का स्वामित्व मिलने जा रहा हैं.इसी वजह से संजीवा रेड्डी के निर्देश पर ददई दुबे और राजेंद्र सिंह गुट ने आनन-फानन में समझौता कर उसकी घोषणा कर मजदूरों में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.

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विशेष यह हैं कि ददई गुट का सम्पूर्ण देश में कोई अस्तित्व नहीं हैं और तो और इंटक से कोई नाता भी नहीं हैं.इसलिए इंटक में विश्वास रखने वाले कोयला मजदूरों से श्री फौजी ने सचेत रहने की गुजारिश की हैं.

इस सन्दर्भ में वेकोलि सीएमडी के साथ युनीयन के विषय को लेकर कुछ चर्चा की गई।

पत्रपरिषद में के. के. तिवारी गुट (इंटक) के महामंत्री घनशयाम दुबे,संयुक्त महामंत्री हाशीम खान, वणी नार्थ क्षेत्र आबिद हुसैन,चंद्रपूर क्षेत्र आशिक हुसैन,पाथरखेडा क्षेत्र के संगठन सचीव अहमद महोम्मद तारीक उपस्थित थे।

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