Published On : Thu, Nov 1st, 2018

इंडियन ओलंपियाड स्कुल विद्यार्थी के साथ मारपीट- कामठी पुलिस ने प्रबंधन पर नहीं की कोई भी कार्रवाई

शिक्षणाधिकारी की जांच समिति में पिटाई करने की सच्चाई आयी सामने, अन्य विद्यार्थियों का लिया गया बयान

नागपुर- कामठी तहसील के बेलगाव स्थित इंडियन ओलंपियाड स्कुल में स्कुल के संचालक सोहेल खान के बेटे दानिश खान व् उजेर खान ने स्कुल के ही नववी क्लास के विद्यार्थी मिर्जा आसिफ दावर बेग की पिटाई की थी. इस घटना में विद्यार्थी को चप्पल जुते और खुर्ची से भी मारने की कोशिश की गई थी. इस पूरी घटना की शिकायत मिर्जा आसिफ दावर बेग के पिता शहरियार बेग ने कामठी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी. लेकिन अब तक कामठी पुलिस स्टेशन की ओर से किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई और साथ ही इसके स्कुल संचालक के बेटे पर किसी भी तरह का मामला दर्ज नहीं किया गया. जिसके कारण पुलिस की भूमिका पर भी संदेह व्यक्त किया जा रहा है. इस मामले में जिला परिषद् के माध्यमिक शिक्षणाधिकारी शिवलिंग पटवे ने भी शिकायत की थी. इस शिकायत के आधार पर कामठी के गट- शिक्षणाधिकारी ने तीन सदस्यों की जांच समिति गठित की.

इस समिति द्वारा दो दिन पहले इस कमिटी के सदस्यों ने स्कुल में जाकर जांच की और सम्बंधित स्कुल के बच्चों के बयान दर्ज किए. जिसमे यह पाया गया कि बच्चे के साथ बुरी तरीके से मारपीट की गई है. मारपीट इतनी की गई की विद्यार्थी को अस्पताल भी लेकर जाना पड़ा. विद्यार्थी के साथ मारपीट का वीडियो सीसीटीवी फुटेज में था लेकिन स्कुल प्रशासन की ओर से फुटेज को मिटा दिया गया जबकि नियम के अनुसार रिकॉर्डिंग 75 दिनों तक सुरक्षित रखी जानी चाहिए. इस पुरे मामले में स्कुल के प्रिंसिपल ने भी कबुल किया है की विद्यार्थी के साथ मारपीट की गई है. इस जांच में समिति को यह भी पता चला है की आरटीई नियमों का और स्कुल में बाल हक्क समिति व पालक शिक्षा समिति का गठन नहीं किया गया है. इसकी बैठक भी नहीं हुई है. इसमें यह भी पता चला है कि संचालक मंडल में से योग्यता नहीं होने के बावजूद स्कुल में मंडल के लोग पढ़ाने का काम कर रहे है साथ ही स्कुल के कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं किया गया है साथ ही महिला समिति भी स्कुल में नहीं बनाई गई है.

इस जांच समिति में शामिल कामठी पंचायत समिति की शिक्षा विस्तार अधिकारी रेखा चूंगडे ने जानकारी देते हुए बताया की बच्चे के साथ मारपीट हुई है ऐसा बयान स्कुल के दूसरे बच्चों ने दिया है इस पुरे मामले में कार्रवाई करने के अधिकार शिक्षणाधिकारी को है. हम अपनी रिपोर्ट शिक्षणाधिकारी को भेजेंगे. उनके द्वारा ही स्कुल पर कार्रवाई की जाएगी.

इस मामले में कामठी पुलिस स्टेशन के पीएसआई राऊत से बात की गई तो उन्होंने बहोत ही टालमटोल जवाब देते हुए कहा कि इस मामले की जांच चल रही है. उनसे जब पूंछा गया की बच्चे की मारपीट से जुड़ा यह एक सेंसेटिव मामला है तो उन्होंने कहा की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. जांच करने के लिए समय लगता है तुरंत नहीं होता है. इसके बाद कोई ओर सवाल पूछते उन्होंने व्यस्त होने का हवाला देते हुए फ़ोन काट दिया. इससे यह समझा जा सकता है कि पुलिस इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है.

विद्यार्थी के साथ मारपीट के मामले में आरटीई एक्शन कमेटी के चेयरमैन मोहम्मद शाहिद शरीफ ने कहा कि इस मामले में लिखित शिकायत सीबीएसई बोर्ड को दी गई है साथ ही उनसे यह निवेदन भी किया गया है की स्कुल में विद्यार्थी के साथ मारपीट हुई साथ ही नियमों का उललंघन भी किया जा रहा है. जिसके कारण स्कुल की मान्यता रद्द की जाए. उन्होंने इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए है उनका कहना है कि पुलिस ने इस पुरे मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं की है इस मामले में कामठी पुलिस के खिलाफ भी राष्ट्रीय बाल हक्क आयोग नई दिल्ली से इस मामले से जुड़े जांच अधिकारी पर कार्रवाई करने का निवेदन किया गया है. शरीफ ने कहा कि आरटीई नियम 17 व् जेजे एक्ट नियम सेक्शन 75 का उल्लंघन हुआ है. जिसके तहत मामला बहोत गंभीर है.