Published On : Thu, Jun 8th, 2017

भारत पहले से ही विश्व गुरु, बस कर्त्तव्य संभालना है – संघप्रमुख

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नागपुर : 
भारत पहले से ही विश्व गुरु है उसे अब सिर्फ अपना कर्त्तव्य संभालना है। दुनिया शक्तिमान को मानती है सिर्फ इसीलिए भारत को सुपर पॉवर बनाना है। यह बात संघ प्रमुख डॉ मोहन भागवत ने रेशमबाग मैदान में आयोजित तृतीया वर्ष संघ शिक्षा वर्ग के समापन समारोह में कहीं। तृतीया वर्ष की शिक्षा हासिल कर चुके स्वयंसेवको को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख ने कहाँ की बात भारत को विश्व गुरु बनाने की होती है पर वह पहले से ही यह जिम्मेदारी निभा रहा है। भारत को पॉवर की महत्वकांक्षा नहीं है उसके पास जो है वो दुनिया को देना है। संघप्रमुख के अनुसार इस जिम्मेदारी को दुनिया के भले के लिए इस्तेमाल करना है। जिन देशो ने पहले इस भूमिका को निभाया यह हम सब जानते है एकाकी और स्वार्थ के कारण उन्होंने अपनी शक्ति का दुरुपयोग किया। लेकिन हमें वसुदैव कुटुंबकम का धेय निर्धारित कर दुनिया में सुख -शांति और खुशहाली के लिए काम करना है। मनुष्य में विविधता प्राकृतिक गुण है विविधता यह अप्राकृतिक है इसे नहीं बदला जा सकता। सबको साथ लेकर सबका सम्मान करना होगा।


कर्यक्रम में बतौर प्रमुख उपस्थिति नेपाल की सेवा के पूर्व प्रमुख रकमांगत करबाल ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहाँ कि संघ राष्ट्रनिर्माण का कार्य कर रहा है। हेडगेवार ने एक सपना देखा और उसे साकार भी किया। आप बिना किसी मदत के देशसेवा के कार्य में लगे है। आप सब नेतृत्व करने वाले,ईमानदार और जवाबदार बनेगे। संघ का काम सराहनीय है नेपाल और भारत का रोटी और बेटी का रिश्ता है। इस कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनेवाल ,असम के वित्तमंत्री हेमंत शर्मा,महिंद्रा ग्रुप में एमडी आनंद महिंद्रा,टोरंट ग्रुप के सुधीर मेहता,पद्मविभूषण बी आर मोहन रेड्डी,उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अभिषेख सिंग और उनकी आईएएस पत्नी दुर्गा नागपाल के साथ अन्य प्रतिष्ठित लोग उपस्थित थे।

हिंदू समाज की वजह से भारत सज्जन देश

संघ के हिंदुत्व एजेंडे को एक बार फिर परिभाषित करते हुए संघ प्रमुख ने कहाँ हिंदू समाज के कारण भारत एक सज्जन देश है। बगल का देश नेपाल हिन्दू राष्ट्र है वहाँ सबकुछ हमारे जैसा है। दुनिया में हिंदू समाज के को संगठित करने का काम होना चाहिए। इसमें सफलता भी मिल रही है विश्व के हिंदू समाज के एकत्रीकरण के परिणाम भी हमें दिखाई पड़ने लगे है। संघ इसी कार्य को कर रहा है। हिंदू सिर्फ पूजा का नाम नहीं है यह जीवन दृष्टि का नाम है। भारत के बिना हिंदू नहीं और हिंदू के बिना भारत नहीं हो सकता।


अमेरिका से बचने की नसीहत

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हांलहि में अमेरिका पर्यवारण संरक्षण के लिए बीते वर्ष किये गए पेरिस क़रार से पीछे हट गया। इस पर संघप्रमुख ने कहाँ अमेरिका सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए अपनी बात से पीछे हट गया। सरकार को नसीहत देते हुए उन्होंने कहाँ ऐसी मीठी -मीठी बातें करने वाले दुनिया के एकतंत्र के लिए लाभी नहीं होते। ऐसी बातें करने वाला अपना नुकसान स्वयं करता है इसलिए इस गलतफहमी को दूर करके निष्ठावान रहना होगा। नागपुर में 1920 में कांग्रेस के अधिवेशन के दौरान डॉ हेडगेवार द्वारा रखे गए प्रस्ताव का जिक्र करते हुए संघप्रमुख ने कहाँ कि हेडगेवार के प्रस्ताव रखा था की दुनिया के देशो को भारत पूंजीवाद के चंगुल से छुड़वाएगा। व्यापारिक वृद्धि से अर्थव्यवस्था चलने वाली नहीं उपभोक्तावादी खुद व्यक्तिवाद का प्रचार करती है इस प्रकृति से निपटने की बात उन्होंने कही थी।

25 दिन के प्रशिक्षण शिविर में 903 स्वयंसेवकों ने ली ट्रेनिंग

संग में अहम मानी जाने वाली संघ की तृतीया वर्ष शिक्षा वर्ग में देश भर के कुल 903 तहसील स्तर के चुने हुए स्वयंसेवको ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। 25 दिनों तक चली इस ट्रेनिंग के दौरान उन्हें कौशल विकास,युद्धअभ्यास जैसे विषयों की 150 से ज्यादा प्रशिक्षकों ने ट्रेनिंग दी। कर्यक्रम के दौरान प्रशिक्षित स्वयंसेवकों ने अपनी काला की प्रस्तुति भी दी।


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