Published On : Tue, Mar 27th, 2018

विशेष सभा में महत्वपूर्ण विषयों को मिली मंजूरी

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NMC Nagpur
नागपुर: सत्तापक्ष और प्रशासन की संयुक्त सहमति के बाद आनन-फानन में विशेष सभा लेकर चुनिंदा 3 अहम प्रस्ताव को आज मंजूरी प्रदान की गई। जिसमें प्रस्तावित योजना के लिए 200 करोड़ का कर्ज, अवैध निर्माणकार्य को जुर्माना लेकर वैध करने और मौजा गाडगा में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल निर्माण का प्रस्ताव शामिल था।

ज्ञात हो कि सत्तापक्ष के दिग्गज नेताओं के घोषणा अनुसार मनपा खरी नहीं उतर रही, क्योंकि मनपा की आर्थिक हालात काफी दयनीय है, ऐसे जवाव से उक्त नेता ने एक बैठक लेकर मनपा प्रशासन और पदाधिकारियों को कड़क निर्देश दिया था कि लोकसभा चुनाव को साल भर भी नहीं बचा है।इसलिए प्रस्तावित कार्यों को पूर्ण करने के लिए कर्ज लेकर पूर्ण करें। उक्त नेता का अनुशरण करते हुए 200 करोड़ का कर्ज लेने का निर्णय लिया गया। जिसका जिक्र मनपा आयुक्त मुद्गल ने अपने बजट में गत दिनों किया था। आज विशेष सभा में इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इस कर्ज को लेने के बाद मनपा पर लगभग 800 करोड़ का कर्ज हो जाएगा। इस 200 करोड़ के कर्ज को अधिकतम 7 वर्षों में चुकाना होगा।

आज विशेष सभा के दौरान दी गई जानकारी के हिसाब से राज्य सरकार के अध्यादेश अनुसार ५% नागरिक ही अनाधिकृत को अधिकृत करवा पाएंगे, इसलिए उक्त अध्यादेश के पर पक्ष-विपक्ष द्वारा लम्बी चर्चा के बाद मनपा में पक्ष नेता संदीप जोशी ने सिफारिश की कि उक्त योजना के आवेदक जिनका २५०० वर्ग फुट तक का अनाधिकृत को अधिकृत करना है। उससे १ रूपए वर्ग फुट आवेदन शुल्क ,२५०० वर्ग फुट से ज्यादा रहवासी क्षेत्र को नियमित करने के लिए २ रूपए वर्ग फुट बतौर आवेदन शुल्क और कमर्शियल के लिए २ रूपए प्रति वर्ग फुट लिया जाए। शहर के भीतर गावठान इलाकों के सन्दर्भ में उक्त अध्यादेशानुसार निर्णय लेने हेतु संवेदन अधिकारी की नियुक्ति ,योजना ६ माह के लिए सिमित रहेंगे। उक्त सुझावों को सम्मलित कर प्रशासन द्वारा तैयार मनपा सभागृह में रखने के बाद उसे अंतिम मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा।

शहर में मुख्यमंत्री निवास परिसर से लेकर विभिन्न प्रभागों में लगभग 50000 अवैध निर्माण कार्य किए गए, जिसमें बिल्डर वर्ग का समावेश बड़े पैमाने में उल्लेखनीय हैं। कड़की में उम्मीद की जा रही है कि 25 % ने भी नियमितीकरण करवाने में रुचि दिखाई तो मनपा को आर्थिक लाभ होगा।

बीओटी प्रकल्प : विपक्ष ने कहा असफल तो प्रशासन ने सफलता के दिए उदहारण
मौजा गाडगा में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल निर्माण का प्रस्ताव की जानकरी देते हुए प्रकल्प के कार्यकारी अभियंता ने जानकारी दी कि उक्त अस्पताल बीओटी के तहत निर्माण किया जाएगा।लेकिन यह जानकारी नहीं दे पाए कि मनपा और जनता को इससे क्या लाभ मिल पाएगा।

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विपक्षी नगरसेवक प्रफुल गुरधे पाटिल ने जानकारी दी कि मनपा में जितने भी बीओटी के तहत प्रकल्प खड़े किए गए मनपा को कोई लाभ नहीं हो पाया और तो और मनपा की बेशकीमती जगहें निजी हाथों में चली गई. जिसे सिरे से मनपायुक्त अश्विन मुद्गल ने नकारते हुए जरीपटका और दानागंज के मॉल के साथ भांडेवाड़ी में स्थापित बिजली प्रकल्प से करोड़ों में हुई आय का ब्यौरा दिया।

मनपा की आय-व्यय बतलाई आयुक्त ने
मनपायुक्त मुद्गल के अनुसार १५ मार्च २०१८ तक २१४.५७ करोड़ का बकाया है, अगले ३१ मार्च २०१८ तक और ५० करोड़ का देनदारी संभावित हैं. शासन से ७३.९४ करोड़ प्राप्त हुए, जल्द ही १४६ करोड़ मिल जाएंगे। कुल मिलाकर ३१ मार्च २०१८ तक २१९.९४ करोड़ मनपा खाते में आ जाएंगे। इसमें परिवहन विभाग का तोटा शामिल नहीं है। २०० करोड़ का लोन मनपा के विभिन्न प्रस्तावित प्रकल्पों के लिए लिया जाएंगे।

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स्मार्ट सिटी प्रकल्प के लिए मनपा की हिस्सेदारी 658.78 करोड़,सीमेंट सड़क के लिए 200 करोड़ की देनदारी, परिवहन विभाग के सालाना घाटे के लिए 100 करोड़ का प्रावधान, अमृत योजना अंतर्गत मनपा को 113.35 करोड़ लगाने के लिए ,पालकमंत्री का ड्रीम प्रकल्प हुडकेश्वर-नरसाला के विकास के लिए 25 करोड़, स्ट्रीट लाइट को एलईडी में तब्दील करने के लिए 270.48 करोड़, भांडेवाड़ी के एसटीपी के लिए 130 करोड़, भांडेवाड़ी में कचरे से बिजली बनाने के प्रकल्प के लिए 90 करोड़,घनकचरा व्यवस्थापन हेतु 211.78 करोड़, मेट्रो रेल के लिए 73 करोड़ की हिस्सेदारी देने, मनपा से नासुप्र को वैधानिक अंशदान की 52.78 करोड़ देने हेतु और एसआरए के लिए 114.28 करोड़ देना हैं, जिसे मनपा प्रशासन प्रत्येक वर्ष उपलब्ध निधि के अनुसार 5 से 7 वर्षो में चुकता करेगी।

उल्लेखनीय यह है कि इसके अलावा २५ करोड़ का अनुदान मिलना बांकी है. पिछले आर्थिक वर्ष में मनपा को लगभग ६०० करोड़ जीएसटी से मिले।

आयुक्त ने यह जानकारी दी कि प्रत्येक माह एक से १० तारीख के दरम्यान लगभग ११५ करोड़ का स्थाई ( फिक्स ) खर्च है। इसमें १५ से २० करोड़ ठेकेदारों में भुगतान किया जाता है।

अंत में स्थाई समिति सभापति विक्की कुकरेजा ने जानकारी दी कि पिछले कुछ वर्ष से शहर में ५०००० करोड़ की अलग तरह का विकास कार्य तेजी से जारी है। इस आर्थिक वर्ष में जीएसटी अनुदान के रूप में १००० करोड़ मिलने की उम्मीद है।

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