Published On : Mon, Mar 26th, 2018

राजनेता के वर्दहस्त से खनिज संपदा का अवैध उत्खनन

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नागपुर: केंद्र, राज्य और जिले में एक ही पक्ष की सत्ता है. फिर भी जिले में अवैध उत्खनन की बाढ़ सी आ गई है. इसी क्रम में सफेदपोश की शह में चक्की खापा ग्राम की पहाड़ियों को नेस्तनाबूत किया जा रहा है, तो दूसरी ओर उक्त कृत का फायदा भोसला मिलिट्री स्कूल प्रबंधन और आउटर रिंग रोड के निर्माता ठेकेदार कंपनी को मिल रही है. उक्त घटनाक्रम की जानकारी प्रशासन को रहने के बावजूद प्रशासन खुद-ब-खुद कार्रवाई के बजाय शिकायतें मिलने के बाद भी ‘उल्टा घड़ा’ की माफिक व्यवहार कर सरकारी राजस्व को न सिर्फ चूना लगा रहा बल्कि निसर्ग के साथ खिलवाड़ भी कर रहा है. समय रहते जिला प्रशासन के साथ महामार्ग प्राधिकरण ने भूल सुधार नहीं की तो मोदी फाउंडेशन जल्द की जनहित याचिका दायर कर सरकारी राजस्व की चोरी के लिए न्याय की गुहार लगाएगी.

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता विवेक सिसोदिया के अनुसार भोसला मिलिट्री स्कूल चक्की खापा परिसर की एक पहाड़ी को समतल कर निर्माण किया गया. धीरे-धीरे ठीक इसके पीछे की पहाड़ी को अवैध रूप से समतल कर उपयोग किया जाने लगा. स्कूल प्रबंधक ने स्कूल परिसर के फैलाव के लिए परिसर से सटी सरकारी जगह को समतल करवाने और आउटर रिंग रोड के ठेकेदार को मुफ्त का मटेरियल पूर्ति करवाने के लिए अवैध उत्खनन की अनुमति दे दी. कागजों पर जिला खनन अधिकारी कार्यालय के कुछ हज़ार ब्रास की अनुमति लेकर लाख से अधिक ब्रास उत्खनन कर सस्ते दामों में आउटर रिंग रोड के ठेकेदार को पूर्ति की जाने का सिलसिला निरंतर जारी है. जिला खनन अधिकारी व अवैध उत्खननकर्ता के अनुसार सरकारी पहाड़ी या सरकारी जमीन से खनिज सम्पदा खुदाई के लिए कोई खास अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ती है.

अवैध निर्माण कार्य को बचाने हेतु सड़क की गई टेढ़ी
स्कूल को उनके अनुसार ३० एकड़ की जगह सरकार से सत्ताधारी मंत्री के सिफारिश पर सरकारी जमीन मिली थी. लेकिन सफेदपोश की शह पर कई गुणा जगह हथिया रखी है. जब रिंग रोड का काम शुरू हुआ तब स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सिसोदिया और नागपुर टुडे की पहल पर उनके कब्जे से कुछ जमीन छुड़ाई गई. छुड़ाई गई जमीन को खेल मैदान के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था. इसके बाद भी इस खेल मैदान का बड़ा हिस्सा बचाने के लिए एनएचएआई के विभागीय प्रबंधन को पक्ष में लेकर रिंग रोड और उसके पुलिया,अंडर ब्रिज आदि को मूल नक़्शे के विपरीत टेड़ा-मेढ़ा कर निर्माण किया जा रहा है. जहां छोटी पुलिया होनी चाहिए वहां काफी बड़ी और जहां साल भर पानी रहता है, वहां पुलिया काफी नीचे कर दिया जाना खिलवाड़ ही है. इससे भोसला स्कूल की अवैध निर्माणकार्य और अवैध कब्जे की जमीन बच जाएंगी साथ ही समतल की जा रही जमीन पर स्कूल प्रबंधन को फैलने का मौका मिल जाएगा.


बीएसएनएल की केबलिंग पर उठ रहा सवाल
आउटर रिंग रोड के हद्द से खुदाई कर स्कूल परिसर तक बीएसएनएल की केबलिंग बिछाने का कार्य जारी है, वह भी बिना टेंडर के और सारा का सारा मटेरियल स्कूल परिसर में एडवांस में पड़ा है. जबकि आउटर रिंग रोड के किनारे के ड्रेनेज लाइन के बाहर से बिछाई जानी चाहिए थी.

स्विमिंग टैंक का पानी खेत तक पहुंच रहा
स्कूल प्रबंधक का खेत स्कूल से आधा किलोमीटर की दूरी पर है, स्कूल की सीमा के बाहर अवैध रूप से स्विमिंग टैंक का निर्माण किया गया. इसमें नियमित पानी रहे इसलिए कई बोर की गई, नियमित पानी के लिए रोजाना बोरिंग से पानी निकाल कर स्विमिंग टैंक में भरा जाता और रोजाना नई पानी के लिए पुरानी पानी को बहार बर्बाद करने के बजाय एक पाइप लाइन बिछाकर खेत तक पहुंचाई गई. यह पाइपलाइन आउटर रिंग रोड के नीचे से बिछाया गया, रिंग रोड के ठेकेदार ने इसे बिना छेड़े इसके ऊपर से रिंग रोड का निर्माणकार्य कर रही है.

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स्कूल तक पहुंचने के लिए विशेष सर्विस रोड
एनएचएआई के विभागीय अधिकारियों को वश में कर स्कूल प्रबंधन ने स्कूल तक पहुंचने वालों के लिए स्पेशल सर्विस रोड का निर्माण करवा रही, जब इसका निर्माणकार्य पूर्ण हो जाएगा तब इस मार्ग पर स्कूल प्रबंधन का एकाधिकार रहेगा.

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