| | Contact: 8407908145 |
    Published On : Tue, Sep 22nd, 2020

    जिले के रेती घाटों पर अवैध उत्खनन चरम पर

    – ६ माह की अतिरिक्त समय मिली थी,पिछले टेंडर के दौरान उत्खनन कर घाट के ५०० मीटर के भीतर जमा किए गए रेती के परिवहन सह बिक्री के लिए,जिसकी मुद्दत ३० सितम्बर को समाप्त हो रही

    नागपुर : नागपुर जिला प्रशासन की आड़ में जिला खनन विभाग नदियों के नैसर्गिकता से खिलवाड़ करवा रहा.वह भी रेती के व्यवसाय में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से लिप्त लोगों के द्वारा।इस अवैध कृत की उल्टी गिनती शुरू हो गई,३० सितम्बर के बाद वैध रूप से रेती उत्खनन की पाबंदी हो जाएगी,इसलिए पिछले एक सप्ताह से २४ घंटे रेती उत्खनन अवैध रूप से खुलेआम जारी हैं.

    पिछले वर्ष जिले के कुछ रेती घाटों की नीलामी हुई थी.इसके बाद किन्ही विशेष कारणों से उत्खनन सह जमा रेती के परिवहन सह बिक्री बंद करवा दी गई थी.

    इस वर्ष रेती घाट के अधिकृत संचालकों के जिद्दोजहद पर जिला प्रशासन ने जिला खनन विभाग के मार्फ़त पिछले वर्ष के अधिकृत रेती घाट संचालकों को ६ माह के लिए उनके-उनके घाट के समीप अधिकृत रूप से जमा किये गए रेती का परिवहन सह बिक्री की अनुमति ३० सितम्बर तक दी थी.
    लेकिन उक्त अनुमति प्राप्तकर्ताओं ने मिली अनुमति का दुरूपयोग कर तब से रोजाना २४ घंटे रेती उत्खनन कर रखे.चूँकि अब अंतिम समय आ रहा हैं,इसलिए पिछले १० दिनों से प्रत्येक रेती घाटों पर २४ घंटे उत्खनन कई मशीनों से जारी हैं,कन्हान नदी से लगी कुछ घाटों पर ४-५ मशीनें लगी होने की खबर मिली हैं.

    उक्त अवैधकृत कर्ता रोजाना उत्खनन कर उनके द्वारा पिछले टेंडर में दर्शाई गई स्टॉक पर जमा कर रहे,दूसरी ओर स्टॉक पर जमा रेती को ओवरलोड कर ट्रक/टिप्पर के मार्फ़त मांगकर्ताओं के स्पॉट तक पहुँचाया जा रहा.

    उक्त अवैध कृत में जिला प्रशासन के अधीनस्त जिला खनन विभाग,उपविभागीय अधिकारी कार्यालय,तहसीलदार,आरटीओ,यातायात पुलिस और सम्बंधित थाना कर्मी आदि शामिल हैं. इन्हें साप्ताहिक मेहनताना दी जाती हैं,जिस पर स्थानीय सफेदपोशों का वरदहस्त हैं. इन सफेदपोशों के आगे जिला प्रशासन नतमस्तक हैं.पिछले दिनों गृहमंत्री व पालकमंत्री द्वारा घाटों के निरिक्षण बाद जैसा वातावरण तैयार होना था,नहीं हो पाया,उलट रेती की अवैध उत्खनन में तेजी आई.

    सितम्बर बाद साल-२ साल के लिए उत्खनन बंद ?
    जानकारी मिली हैं कि पर्यावरण को पहुंचाए जा रहे नुकसान को लेकर केंद्र सरकार की सम्बंधित विभाग काफी गंभीर हैं.इस विभाग की अनुमति बाद ही जिला प्रशासन रेती उत्खनन का टेंडर जारी करती थी.इस दफे ३० सितम्बर के बाद रेती घाट का टेंडर जिला प्रशासन नहीं जारी करेंगा,वह भी साल – २ साल के लिए.लेकिन जिले में रेती उत्खनन जिला खनन विभाग सह उक्त विभाग सह अधिकारी-कर्मी की जेब गर्म कर जारी रहेंगी,जो आज से डेढ़ गुणे दामों में बिक्री की जाने की संभावना को नाकारा नहीं जा सकता।

    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145