Published On : Thu, Sep 29th, 2016

ऊर्जामंत्री के शह पर महानिर्मिति-पिडब्लूडी में फिजूलखर्ची का दौर जारी

नागपुर: कोराडी के निवासी जब से राज्य के ऊर्जामंत्री सह जिले के पालकमंत्री बने है, तब से वे अपने दबंगई से सिंचाई विभाग की जमीन पर सार्वजानिक लोककर्म विभाग और महानिर्मिति विभाग के निधि से फिजूलखर्च कर आयेदिन कुछ न कुछ काम निकलवाकर क्षेत्र में विकास की गंगा बहाने का नाटक कर रहे है. इस विकास की गंगा से बड़े पैमाने में अपने ठेकेदारों के मार्फ़त “दोहन” करने में मदमस्त है.

कोराडी मंदिर से लगी सिंचाई विभाग की नहर गुजर रही है, ठीक इसी नहर से लगी जगह पर सार्वजानिक लोककर्म विभाग ने सिंचाई विभाग से बिना अनुमति के सड़क का निर्माण कर दिया, वह भी सीमेंट सड़क का. यह सड़क पर आवाजाही करने वालों के लिए हमेशा धोखादायक रहेगा, जब कभी किसी वाहन ने ओवरटेक करने या तेजी से वाहन दौड़ाने की कोशिश की तो नहर की चपेट में आने की संभावना को नाकारा नहीं जा सकता है. जब से इस सड़क का निर्माण हुआ है अबतक कई दफे दुर्घटनाएं हो चुकी है.

इस नहर को ढंकने के लिए भी एक निविदा जारी की गई है, वह भी करोडों में है.


इस अवैध मार्ग से सटी कोराडी पॉवर प्लांट है, जहाँ बिजली निर्माण की जाती है, यह अतिसंवेदनशील क्षेत्र है. इस परिसर के भीतर से करोडो खर्च आवाजाही के लिए आम सड़क का निर्माण विगत दिनों किया गया. जबकि इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माणकार्य सिर्फ और सिर्फ बिजली विभाग के हितार्थ ही किया जाने का नियम है. इस सड़क के लिए ढाई करोड़ सार्वजानिक लोककर्म विभाग और ४०-५० लाख रूपए बिजली निर्माण विभाग ने दिया है.

छिंदवाड़ा मार्ग से कोराडी मंदिर की और जाने वाले मार्ग में सिंचाई विभाग की बेहिसाब जमीनें है, इस जमीन पर स्थानीय भाजपाइयों ने अतिक्रमण कर पक्का निर्माणकार्य कर लिया तो किसी ने मंदिर निर्माण कर लिया.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोराडी के नए विस्तारित पॉवर प्लांट परिसर में राज्य के ऊर्जामंत्री के पहल पर २० करोड़ का बगीचा सहित सौन्द्रीयकरण के नाम पर ठेका निकाला गया, मंत्री से समझौता कर उनके किसी परिचित ने उक्त ठेके को ९% अधिक में ठेका लिया. यह ठेका महानिर्मिति के मुम्बई मुख्यालय से निकलवाया गया.

– राजीव रंजन कुशवाहा