Published On : Tue, Sep 28th, 2021
By Nagpur Today Nagpur News

मूर्ति और ढावलापुर में नागपुर करार की होली जलाई

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काटोल– पृथक विदर्भ की मांग को लेकर विदर्भ राज्य आंदोलन समिति ने एक बार फिर आवाज बुलंद की है. समिति के नागपुर जिला युवा आघाड़ी अध्यक्ष ऋषभ वानखेडे के नेतृत्व में नागपुर करार की होली जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया. इस वक्त समिति के कोर कमेटी सदस्य सुनील वडस्कर खास तौर पर उपस्थित थे। ऋषभ वानखेडे ने बताया कि 28 सितंबर 1953 को नागपुर करार पर हस्ताक्षर किए गए थे।

इस करार के मुताबिक 1 मई 1960 में विदर्भ महाराष्ट्र में शामिल हुआ, लेकिन करार की 11 शर्तों में से एक का भी पालन नहीं किया गया। विदर्भ को शोषण के अलावा कुछ नहीं मिला। समझौते का पालन न करने के साथ ही यह करार भंग हो गया है।

इसे लेकर समिति की ओर से काटोल तहसील के मूर्ति और ढावलापुर गांव में नागपुर करार की होली जलाकर निषेध किया गया। आश्वासन दिया गया था राज्य की तिजोरी में से 23 फ़ीसदी निधि विदर्भ को दी जाएगी लेकिन यह नहीं मिली, 75 हजार करोड़ सिंचाई और 50 हजार करोड़ रुपए सड़क निर्माण के लिए नहीं मिले, गोसेखुर्द सहित 131 बांध 30 साल बाद भी पूर्ण नहीं हुए। बिजली विदर्भ की लेकिन यह भी ले गई।

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इन कारणों से विदर्भ आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़ा हुआ ही रहा है। अब पृथक विदर्भ राज्य के अलावा कोई पर्याय नहीं है, इसलिए विरोध प्रदर्शन करते हुए विदर्भ राज्य आंदोलन समिति ने निषेध व्यक्त किया। इस अवसर पर विदर्भ राज्य आंदोलन समिति के नागपूर जिल्हा उपाध्यक्ष संजय उपासे, युवा आघाडी तालुकाध्यक्ष निलेश पेठे, तालुका संपर्क प्रमुख बाबाराव वाघमारे, ऋषिकेश वानखेडे, धनराज तुमडाम, अनुप राऊत, गिरीश शेंडे, दुर्गेश चौधरी, प्रज्योत मोरचापुरे, प्रविण रंगारी, चंद्रशेखर झोनवाणे, रवी राऊत, दिलीप आगलावे, रंजीत ढोके, लतेश गजाम, विनोद पाटोळे, नितेश कोटजावळे, निखिल कापसे, दिनेश चोखान्द्रे, बंटी तागडे, आनंद पोतदार, बापू राऊत, मनोहर कडू, रामराव कडू, उत्तमरावजी वानखेडे, ज्ञानेश्वर तिडके, मनोज येरपुडे, सुरेश राऊत, आदी विदर्भवादी शामिल थे।

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