Published On : Tue, Aug 2nd, 2016

मैं अखंड महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री, विदर्भ का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं

CM Devndra Fadnavis

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नागपुर:
बीते दो दिनों से राज्य की राजनीति में छाये विदर्भ के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए विपक्ष को करार जवाब दिया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रावसाहेब दानवे द्वारा विदर्भ राज्य बनाये जाने और भंडारा-गोंदिया से सांसद नाना पटोले द्वारा संसद में अलग राज्य पर चर्चा की मांग किये जाने का प्रस्ताव लाया। उसके बाद राज्य में विपक्ष के साथ सत्ता में सहयोगी शिवसेना ने भी अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए विधानमंडल परिषद में प्रदर्शन किया। पटोले के कदम का बीजेपी के कुछ विधायको ने समर्थन करते हुए विधानमंडल के दोनों सदनों में अलग राज्य पर अपना विचार रखा। इस पर शिवसेना के अन्य सदस्यो के साथ सुनील प्रभु ने अपना विरोध दर्ज किया।

विधानमंडल में बीते दो दिनों से जारी हंगामे के बीच मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इस मुद्दे पर अपना स्पस्टीकरण रखा। अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने 16 जुलाई 2016 को कांग्रेस पार्टी के सदस्य विजय वडेट्टीवार के प्रस्ताव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अलग विदर्भ राज्य बनाये जाने का प्रस्ताव दिया है। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के जयंत पाटिल द्वारा उनका इस मुद्दे पर इस्तीफा मांगने की बात पर सीएम ने कहां कि उन्हें इस्तीफा मांगने का अधिकार नहीं है। वह किसी के एहसान पर सत्ता में नहीं आये है। राज्य की जनता ने उन्हें मौका’दिया है, और वह उसके प्रति जवाबदेह है।

सुनील प्रभु द्वारा विदर्भ की मांग करने वाले सदस्यो पर आपराधिक मुक़दमा दर्ज किये जाने की मांग का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वो और बाकी के सदस्य संवैधानिक शपथ लेने के बाद सदन में है। संविधान अपना मत रखने का अधिकार सदस्यो को देता है। इसके लिए कोई मामला दर्ज नहीं किया जा सकता।