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    Published On : Fri, Sep 8th, 2017
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    हिंदी भाषा को बचाने अन्य भारतीय भाषाओं को बचाने की जरूरत – राहुल देव

    Rahul Dev
    नागपुर: अंतरराष्ट्रीय शोध संघोष्ठी व भारतीय हिंदी परिषद का तीन दिवसीय 43वां अधिवेशन अंबाझरी रोड के गुरुनानक भवन में शुरू हुआ. इस दौरान नागपुर विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ.सिध्दार्थविनायक काणे, नई दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव, भारतीय हिंदी परिषद के सभापति नंदकिशोर पाण्डेय, अखिल भारतीय हिंदी संस्था संघ के अध्यक्ष डॉ. गिरीश गांधी, चीन के प्रोफेसर गंगाप्रसाद शर्मा, स्नातकोत्तर हिंदी विभाग के नागपुर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रमोद शर्मा, भारतीय हिंदी परिषद के प्रधानमंत्री डॉ.भरत सिंह व संगोष्ठी संयोजक डॉ. मनोज पाण्डेय मौजूद थे. इस कार्यक्रम का विषय था “साहित्य और मीडिया” वर्तमान संदर्भ. जिस पर पत्रकार राहुल देव ने पत्रकारों पर उठ रहे सवालों और उनकी राजनीतिक पार्टियों से नजदीकी पर कहा कि पत्रकार आज रोजाना कटघरे में खड़ा होता है. अच्छे पत्रकारों का कभी भी स्वर्णकाल नहीं था.

    अंग्रेजों के समय भी ऐसे पत्रकार थे जो अंग्रेजो के समर्थन में खबरें लिखते थे. तो वहीं हिंदी सम्मलेन पर उन्होंने कहा कि जिस तरह से मराठी, कन्नड़ भाषा और अन्य कई भाषाओं के प्रति उनके लोगों में लगाव दिखाई देता है वैसा हिंदी भाषा में दिखाई नहीं देता. पुणे में आयोजित मराठी साहित्य सम्मलेन में जिस तरह से लोग आए थे और उनका रुझान मराठी भाषा की तरफ था वैसा रुझान कभी भी हिंदी भाषा में नहीं दिखाई दिया. उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि हिंदी को भविष्य में बचाने की जरूरत है.

    पत्रकार राहुल देव के इस भाषण पर कार्यक्रम में मौजूद बैठे लोगों ने आपत्ति भी दर्ज की क्योंकि सम्मलेन हिंदी भाषा का था. जिसके बाद सभी को उन्होंने समझाया और अगले चर्चा सत्र में इस पर बात करने की बात कही. इस दौरान प्रमोद शर्मा ने कहा कि 42 अधिवेशन देश के विभिन्न जगहों पर संपन्न हुए हैं. पहली बार यह आयोजन नागपुर में हो रहा है. तो चीन के प्रोफेसर गंगाप्रसाद शर्मा ने पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की निंदा की. उन्होंने मीडिया पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इलेट्रॉनिक मीडिया नमक मिर्च लगाकर लोगों को अपने तरह की न्यूज़ दिखाता है. पेड न्यूज़ और न्यूज़ न छापने के लिए भी पत्रकारों की ओर से पैसे लिए जाते हैं. पत्रकारिता का मूल्य अब गिर चुका है. उन्होंने कहा कि अब मीडिया लोगों की संवेदना को बेच रहा है. गिरीश गांधी ने बताया कि चुनाव के समय हर एक चैनल के पैकेज चलते हैं. पत्रकार मालिकों के इशारे पर काम कर रहे हैं.

    राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय और हरियाणा के पंचकूला विश्वविद्यालय की पहल से यह सम्मलेन किया जा रहा है. तीन दिनों तक चलनेवाले इस कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी.

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