Published On : Thu, Aug 11th, 2016

कोराडी मे हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का अड्डा, पुलिस ने दिल्ली-मुंबई की युवतियों को पकड़ा

Racketनागपुर: अपराध शाखा के सामाजिक दल को कोराडी के एक अपार्टमेंट में चल रहा देह व्यापार का ‘हाई प्रोफाइल’ अड्डा मिला है. पुलिस ने अड्डे से दिल्ली-मुंबई की युवतियों को पकड़ा है. इंटरनेट पर ‘एस्कार्ट सर्विस’ के नाम से यह गिरोह चल रहा था. पुलिस ने अड्डे की मुखिया निशा उर्फ पूजा प्रीतम दहीकर (28) इंदौरा झोपड.पट्टी और उसके साथी मंत श्यामलाल टेंगुरिया (29) इंदौर, मध्यप्रदेश को गिरफ्तार किया है.

निशा दहीकर, पूजा और सीमा सहित कई नामों से देह व्यापार में पहचानी जाती है. वह ‘नागपुर एस्कार्ट सर्विस’ नाम से ‘ऑनलाइन’ सेक्स रैकेट चलाती थी. इसकी भनक लग जाने से पुलिस के डमी ग्राहक ने संपर्क किया. निशा ने अपना नाम माया बताया. उसने ग्राहक को कोराडी स्थित आईकॉन अपार्टमेंट स्थित फ्लैट नंबर 202 में बुलाया. पुलिस ने डमी ग्राहक को वहां भेजा. उसने निशा से दो हजार रुपए में युवती का सौदा किया. निशा के रुपए लेते ही पुलिस ने छापा मारकर उसे मंत टेंगुरिया के साथ गिरफ्तार कर लिया.

फ्लैट से दो युवतियां मिलीं. एक दिल्ली की जबकि, दूसरी मुंबई की निवासी है. उन्हें देह व्यापार के लिए अनुबंध पर लाया गया था. दोनों काफी समय से ‘हाई प्रोफाइल’ देह व्यापार से जुडी हैं. पुलिस को गुमराह करने के लिए काम का झांसा देकर यहां बुलाने का बात कह रही हैं. मुंबई की युवती मंगलवार को जबकि दिल्ली की युवती आज ही यहां आई थी. मुंबई की युवती हैदराबाद का अनुबंध खत्म होने के बाद आई थी. दोनों एक हफ्ते अथवा दो हफ्ते के लिए किसी शहर में जाती हैं. अनुबंध खत्म होते दूसरे शहर रवाना हो जाती हैं. उनके पास दलालों का ‘नेटवर्क’ है. उनके माध्यम से युवतियों को साल भर काम मिल जाता है. देह व्यापार में काफी कमाई होने से दोनों विमान से यात्राएं करती हैं. निशा काफी समय से देह व्यापार में लिप्त है. डेढ. साल पहले उसके पति को देह व्यापार में पकड़ा गया था. फिलहाल वह ऑटो चलाता है. देह व्यापार का अनुभव होने से निशा ने युवतियों को खुद ही यहां बुलाया था. मंत ‘मेकअँप मैन’ का काम करता है. निशा के पास ग्राहकों की काफी संख्या है. पुलिस को निशा से पूछताछ में कई जानकारी मिलने की उम्मीद है. पुलिस फ्लैट मालिक को भी खोज रही है. यह कार्रवाई अपर आयुक्त रंजन कुमार शर्मा, उपायुक्त राकेश कलासागर के मार्गदर्शन में निरीक्षक पी.सी. सोनवाणे, एपीआई जयपुरकर, पीएसआई इंगोले, कर्मचारी गोपाल वैद्य, योगेश घोड.की, मनोज सिंह चव्हाण, अजय घोटोले, संजय पांडे, सुरेखा सांडेकर तथा साधना चव्हाण ने की.