Published On : Thu, Jul 26th, 2018

खेल मैदानों पर निर्माण स्वीकृत नहीं

Advertisement

Nagpur Bench of Bombay High Court

नागपुर: शहर के डीपी प्लान में आरक्षित खेल मैदानों की दुर्दशा को लेकर समाचार पत्रों में छपी खबरों पर स्वयं संज्ञान लेते हुए मुंबई उच्च न्यायालय ने इसे जनहित के रूप में स्वीकार किया था. याचिका पर बुधवार को सुनवाई के दौरान न्यायाधीश भूषण धर्माधिकारी और न्यायाधीश झका हक ने खेल मैदानों पर हुए निर्माण के नियमितीकरण को लेकर दायर अर्जी खारिज करते हुए खेल मैदानों पर किसी तरह का निर्माण स्वीकृत नहीं होने के स्पष्ट आदेश जारी किए.

अदालत मित्र प्रफुल्ल खुबालकर की ओर से पांढराबोडी, रामनगर स्थित खेल मैदान के बदले जा रहे उपयोग को लेकर ध्यानाकर्षित किए जाने के बाद अदालत ने ऐसे उपयोग को बदलने के लिए लगाई गई अस्थायी रोक पर भी मुहर लगा दी. साथ ही याचिका का निपटारा होने तक रोक जारी रहने के आदेश दिए.

Gold Rate
Aug 27 ,2026 - Time 10.30Hrs
Gold 24 KT ₹ 1 60,000 /-
Gold 22 KT ₹ 1,48,500 /-
Silver/Kg ₹ 2,41,500/-
Platinum ₹ 88,000/-
Recommended rate for Nagpur sarafa Making charges minimum 13% and above

किसी संस्था को न करें आवंटित
गत सुनवाई के दौरान अदालत मित्र की ओर से अदालत को बताया गया कि हाल ही में मनपा ने एक फैसला लिया है. जिसमें पांढराबोडी स्थित इसी तरह का एक खैल मैदान किसी निजी संस्था को आवंटित किया जा रहा है, जबकि इस खेल मैदान के लिए खेल क्लब की ओर से भी मांग की गई थी. किंतु इस क्लब के बदले निजी एजेन्सी जो जिसका खेल से संबंध नहीं है, उसे आवंटन किया जा रहा है.

अदालत ने इस तरह से यह खेल मैदान किसी भी संस्था को आवंटित नहीं करने के आदेश दिए. सुनवाई के दौरान खेल मैदान पर निर्माण कार्य करने वाले 16 सम्पत्तिधारकों की ओर से भी नियमितीकरण की अर्जी दायर की गई. इस संदर्भ में अदालत का मानना था कि लेआउट में प्लाट खरीदने वाले लोगों की ओर से इस खेल मैदान के लिए भी भुगतान किया जाता है, जिससे इस तरह से नियमितीकरण संभव नहीं है. अत: अर्जी ठुकरा दी.

Advertisement

कौन हैं अधिकारी और विश्वस्त
सुनवाई के दौरान अदालत मित्र की ओर से बताया गया कि प्रन्यास की ओर से हलफनामा दायर किया गया था, जिसमें 107 खेल मैदानों में से 16 मैदानों पर हुए निर्माण को महाराष्ट्र गुंठेवारी एक्ट के तहत नियमित कर दिया गया.

अदालत का मानना था कि बिना अधिकार इस तरह की प्रक्रिया की गई. अत: नियमितीकरण प्रक्रिया में शामिल रहे प्रन्यास के अधिकारी और ट्रस्टी के नाम हलफनामा में देने के आदेश प्रन्यास को दिए. साथ ही इन 16 खेल मैदानों पर स्थित निर्माण का किसी तरह लेन-देन न करने के आदेश भी दिए.

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges

Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.